ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में आरोपी इंजीनियर-इन-चीफ प्रमोद कुमार ने शनिवार को रांची स्थित धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया। अदालत में पेशी के बाद उन्हें सशर्त राहत देते हुए जमानत प्रदान कर दी गई।
न्यायालय ने प्रमोद कुमार को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने और बिना पूर्व अनुमति देश से बाहर न जाने की शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए। सुनवाई के दौरान उनकी ओर से अधिवक्ता विद्युत चौरसिया ने पक्ष रखा।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हाल ही में जांच को आगे बढ़ाते हुए एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें प्रमोद कुमार समेत कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है, जबकि एजेंसियां आरोपों की तह तक पहुंचने में जुटी हुई हैं।