झारखंड पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग ने अपने कार्य संचालन को सुचारु बनाने के लिए आठ अलग–अलग मॉडलों के आरामदायक वाहनों की आवश्यकता जताई है। इसके लिए आयोग ने बाहरी एजेंसी से वाहन उपलब्ध कराने को लेकर टेंडर आमंत्रित किया है। इच्छुक वाहन आपूर्तिकर्ता 9 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। टेंडर की एक अहम शर्त यह भी रखी गई है कि सभी वाहन सफेद रंग के ही होने चाहिए।
आयोग की ओर से जिन वाहनों की मांग की गई है, उनमें इनोवा क्रिस्टा, हुंडई वेरना, होंडा सिटी, स्कोडा स्लाविया, वोल्क्सवैगन वर्चुअस, स्विफ्ट डिज़ायर, होंडा अमेज और महिंद्रा स्कॉर्पियो शामिल हैं। ये सभी वाहन किराये के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
टेंडर की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
वाहन मासिक किराये पर लिए जाएंगे, जिसमें 1500 किलोमीटर प्रति माह की सीमा तय होगी।
सभी वाहन पूरी तरह से झारखंड पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग, रांची के नियंत्रण में रहेंगे।
प्रतिदिन औसतन 12 घंटे तक वाहनों के उपयोग की अनुमति होगी।
तय की गई दरों में किसी भी प्रकार का संशोधन नहीं किया जाएगा।
वाहन का भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।
वाहन की देखरेख और जिम्मेदारी पूरी तरह आपूर्तिकर्ता की होगी।
हर समय वाहन में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध रहना अनिवार्य है।
आयोग की आवश्यकता के अनुसार वाहन राज्य के भीतर या राज्य से बाहर भी उपयोग किए जा सकेंगे।
किराया दैनिक या मासिक दर के आधार पर देय होगा।
रात्रि विश्राम की स्थिति में अलग से भुगतान किया जाएगा।
प्रत्येक वाहन में लॉग बुक के साथ शिकायत एवं सुझाव रजिस्टर होना चाहिए।
स्टेपनी, टूल किट, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र वाहन में अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए।
ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर लगने वाला जुर्माना आपूर्तिकर्ता द्वारा वहन किया जाएगा।
किसी भी कानूनी विवाद की स्थिति में मामला रांची स्थित न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आएगा।