विधानसभा में उठा ड्रग्स का मुद्दा, युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर सरकार अलर्ट

विधानसभा में उठा ड्रग्स का मुद्दा, युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर सरकार अलर्ट

विधानसभा में उठा ड्रग्स का मुद्दा, युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर सरकार अलर्ट
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 14, 2026, 4:40:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन प्रश्नकाल के दौरान राज्य में फैलते अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और उससे प्रभावित हो रहे युवाओं के भविष्य का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इस विषय को विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन में उठाते हुए कहा कि हजारीबाग और रामगढ़ जैसे जिलों में बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण आपराधिक गतिविधियों में भी इजाफा हो रहा है, इसलिए इस पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने सरकार से जिला स्तर पर विशेष टास्क फोर्स गठित करने की मांग की ताकि इस अवैध कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाया जा सके।

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने इसे गंभीर सामाजिक चुनौती बताया। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए एनडीपीएस (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) अधिनियम के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 529 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 773 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2024 में ऐसे मामलों की संख्या बढ़कर 804 हो गई, जबकि 1,062 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 2025 में मामलों की संख्या घटकर 782 रह गई और इस दौरान 994 गिरफ्तारियां हुईं।

मंत्री ने हजारीबाग जिले के आंकड़ों का भी जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच वहां एनडीपीएस एक्ट के तहत 183 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि फरवरी 2026 तक सिर्फ 17 मामले ही सामने आए हैं। उनके अनुसार यह आंकड़े बताते हैं कि प्रशासनिक कार्रवाई का असर दिखाई दे रहा है।

इस बीच भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि राजधानी रांची समेत कई जिलों में तथाकथित ‘सूखा नशा’ का कारोबार तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे वे मानसिक अवसाद का शिकार हो रहे हैं और कई मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने इस चुनौती से निपटने के लिए जिला स्तर पर अलग से विशेष टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया।

जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इस विषय को गंभीरता से ले रही है और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स के गठन पर विचार किया जाएगा।

सदन को यह भी जानकारी दी गई कि राज्य में 30 नवंबर 2022 से ही एक विशेष टास्क फोर्स कार्यरत है, जो केंद्र और राज्य की विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर नजर रख रही है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि ड्रग्स से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी MANAS पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1933 पर साझा करें। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करने का भी प्रयास किया जा रहा है।