देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चा के बीच झारखंड की राजधानी रांची में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। शहर के कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर सुबह से ही एजेंसियों के बाहर इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि बुकिंग के कई दिनों बाद भी उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में एक एजेंसी पर प्रतिदिन करीब 350 से 400 सिलेंडर की बुकिंग होती थी। लेकिन हाल के दिनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर लगभग 2300 से 2500 बुकिंग प्रतिदिन तक पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। तेल कंपनियों ने फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जिसके कारण कई स्थानों पर 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता सीमित हो गई है।
व्यावसायिक सिलेंडरों की कमी का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई संचालकों को गैस की कमी के कारण अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। कुछ व्यवसायियों का कहना है कि उन्हें जरूरत पूरी करने के लिए महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे संचालन लागत में इजाफा हो गया है।
रांची में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा लोग किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से कई लोग छोटे सिलेंडर या स्थानीय रीफिल दुकानों से गैस भरवाकर काम चलाते थे। हाल में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के बाद कई अनधिकृत रीफिल केंद्र बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते छात्रों और कामगारों को रोजमर्रा के भोजन की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और घबराहट में बार-बार बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को वितरण प्रणाली को सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की गई है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।