झूठे आंकड़ों से डर फैलाने की साजिश, भाजपा का दोहरा चेहरा फिर उजागर: आलोक दूबे

झूठे आंकड़ों से डर फैलाने की साजिश, भाजपा का दोहरा चेहरा फिर उजागर: आलोक दूबे

 झूठे आंकड़ों से डर फैलाने की साजिश, भाजपा का दोहरा चेहरा फिर उजागर: आलोक दूबे
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 01, 2026, 4:24:00 PM

विष्णुगढ़ में हुई हालिया घटना को लेकर झारखंड की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य की लोकप्रिय सरकार की छवि धूमिल करना है।

दूबे ने आरोप लगाया कि भाजपा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है और आंकड़ों के सहारे एक भ्रामक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला भाजपा दे रही है, उन्हीं में भाजपा शासित राज्यों और झारखंड में उसके पूर्व शासनकाल के अपराध के विस्तृत विवरण भी मौजूद हैं। उनके मुताबिक, यदि इन आंकड़ों का निष्पक्ष विश्लेषण किया जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि गंभीर अपराध किन राज्यों में किस स्तर तक फैले हैं।

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी आपराधिक घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने विष्णुगढ़ की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें ढूंढकर कानून के दायरे में लाया जाएगा।

दूबे ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने शासनकाल की स्थिति पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय राज्य में महिला उत्पीड़न, आदिवासी अत्याचार और संगठित अपराध की घटनाएं व्यापक थीं। उन्होंने पलामू क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की स्थिति इतनी खराब थी कि उस पर फिल्म तक बनाई गई, जिसने उस दौर की कानून-व्यवस्था की स्थिति उजागर की।

कांग्रेस महासचिव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान खनन, कोयला और बालू से जुड़े अवैध नेटवर्क सक्रिय रूप से फलते-फूलते रहे और कई मामलों में उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी मिला। उनके अनुसार, ऐसे तत्वों को चुनावी राजनीति तक पहुंचाने में भी समर्थन दिया गया।

दूबे ने कहा कि जब भी राज्य में विकास, सामाजिक न्याय और आदिवासी हितों को प्राथमिकता दी जाती है, भाजपा माहौल बिगाड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार इन मुद्दों पर आगे बढ़ रही है, जिसे विपक्ष पचा नहीं पा रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे राजनीतिक आरोपों और दुष्प्रचार को समझने लगी है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी।