अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, संविधान रक्षा का लिया संकल्प
अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस नेताओं ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, संविधान रक्षा का लिया संकल्प
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर रांची के डोरंडा स्थित अंबेडकर चौक पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस के महासचिव आलोक कुमार दूबे, अजय नाथ शाहदेव, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव, झारखंड राज्य आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान, डॉ. राजेश गुप्ता ‘छोटू’, विजय शंकर नायक और वेद प्रकाश तिवारी सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। सभी ने संविधान निर्माण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर संविधान की मूल भावना को बनाए रखने और उसकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प भी लिया। मीडिया से बातचीत में आलोक कुमार दूबे ने कहा कि वर्तमान समय में संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कमजोर करने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का हर कार्यकर्ता बाबा साहेब के सिद्धांतों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार है।
अजय नाथ शाहदेव ने कहा कि पिछले कई दशकों में देश ने डॉ. अंबेडकर के विचारों के मार्गदर्शन में प्रगति की है और उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। वहीं, राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि उनके विचारों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
संजय लाल पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के वंचित वर्गों को न्याय दिलाने का रास्ता दिखाया, जो आज भी प्रेरणास्रोत है। विजय शंकर नायक ने उनके जीवन को संघर्ष और समर्पण की मिसाल बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भी संविधान की मूल भावना को अक्षुण्ण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहेब के आदर्शों का पालन करने और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया।