कांग्रेस नेता आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-'भ्रामक आरोपों से नहीं छिपेंगी नाकामियां'

कांग्रेस नेता आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-'भ्रामक आरोपों से नहीं छिपेंगी नाकामियां'

कांग्रेस नेता आलोक दूबे ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा-'भ्रामक आरोपों से नहीं छिपेंगी नाकामियां'
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 31, 2026, 7:00:00 PM

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें पूरी तरह तथ्यहीन और राजनीतिक स्टंट बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश हैं।

दूबे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार में शामिल रहते हुए भी जनहित से जुड़े सवाल उठाने को अपनी जिम्मेदारी मानती है। उनके अनुसार, सरकार के भीतर कमियों की ओर ध्यान दिलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का संकेत है, न कि किसी तरह का विरोधाभास।

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब बड़े उद्योगपतियों के प्रभाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा का रवैया ऐसा हो गया है, मानो वह खनन और जमीन से जुड़े हितों को बढ़ावा देने वाली ताकतों के साथ खड़ी हो। साथ ही, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा की नीयत पर भी सवाल उठाए और इसे दिखावटी चिंता करार दिया।

दूबे ने यह भी कहा कि भाजपा प्रशासनिक संस्थाओं को भी राजनीतिक नजरिए से देखने लगी है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति है। उनके मुताबिक, पुलिस और अन्य संस्थाओं को पक्षपातपूर्ण तरीके से आंकना सही नहीं है।

केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन भाजपा इन सवालों से बचने के लिए झारखंड में बेबुनियाद आरोपों का सहारा ले रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है। अगर कहीं कोई कमी है, तो उसे सुधारना ही एक जिम्मेदार गठबंधन का कर्तव्य है, और कांग्रेस इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

अंत में दूबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस-जेएमएम गठबंधन की सरकार भाजपा नेताओं को स्वीकार नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भाजपा का उद्देश्य गठबंधन में दरार डालना और जनहित के फैसलों में बाधा उत्पन्न करना है, लेकिन झारखंड की जनता इन राजनीतिक कोशिशों को समझ रही है।