कांग्रेस के फैसले से आहत दिखे फुरकान अंसारी, कहा-वर्षों की निष्ठा को नहीं मिला अपेक्षित सम्मान
कांग्रेस के फैसले से आहत दिखे फुरकान अंसारी, कहा-वर्षों की निष्ठा को नहीं मिला अपेक्षित सम्मान
झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी ने पार्टी के हालिया निर्णयों को लेकर अपनी असंतुष्टि खुलकर व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए लंबे समय तक किए गए उनके प्रयासों और योगदान को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया, जिससे उन्हें निराशा हुई है।
अंसारी ने कहा कि उनका राजनीतिक जीवन कांग्रेस की विचारधारा और संगठन को मजबूत बनाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और लगातार कार्यकर्ताओं को जोड़ने तथा संगठन के विस्तार के लिए काम किया। उनके अनुसार, उन्होंने कभी व्यक्तिगत पद या लाभ को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि हमेशा संगठनात्मक मजबूती को ही लक्ष्य बनाया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति किसी पद या जिम्मेदारी को लेकर नहीं है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात का दुख है कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और निष्ठा को वह मान्यता नहीं मिली जिसकी अपेक्षा थी। उन्होंने कहा कि लंबे अनुभव और समर्पण को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में स्वयं को उपेक्षित महसूस करना स्वाभाविक रूप से पीड़ादायक है।
हालांकि, उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वे कांग्रेस के साथ पहले की तरह जुड़े हुए हैं और भविष्य में भी संगठन के लिए काम करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शीर्ष नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं और जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को गंभीरता से समझेगा।
फुरकान अंसारी ने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक संगठन की मजबूती उसके समर्पित कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है। यदि उनके विचारों और सम्मान का ध्यान रखा जाए, तो संगठन और अधिक सशक्त बनता है। उनके मुताबिक, यह मुद्दा केवल उनकी व्यक्तिगत भावना तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अनेक कार्यकर्ताओं की भी चिंता है जिन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए योगदान दिया है।