झारखंड में सर्दी ने एक बार फिर तीखा तेवर दिखाया है। शीतलहर और ठंडी हवाओं के चलते आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राज्य में सबसे अधिक ठंड खूंटी जिले में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं डाल्टेनगंज में भी पारा 3.7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया, जिससे लोगों को कड़ाके की ठिठुरन झेलनी पड़ी।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा से बह रही सर्द हवाओं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के मैदानी इलाकों में ठंड और तेज हो गई है। बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के नौ जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि शुक्रवार के लिए किसी भी जिले में शीतलहर का ‘रेड’ या ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
सुबह के वक्त कई इलाकों में हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं बोकारो थर्मल (6.1 डिग्री), लोहरदगा (6.0 डिग्री) और सरायकेला (6.1 डिग्री) जैसे जिलों में भी सर्दी का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। पिछले एक दिन में राज्य का मौसम अधिकांशतः शुष्क बना रहा।
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद आगामी तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल विभाग ने सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।