प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन की अनदेखी से जुड़े मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शनिवार को रांची स्थित एमपी-एमएलए विशेष अदालत में उपस्थित होना है। झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें 6 दिसंबर को दोपहर 2 बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। हालांकि भविष्य की तारिखों पर उन्हें निजी उपस्थिति से राहत दी गई है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी विशेष परिस्थिति में कोर्ट चाहें तो उन्हें शारीरिक रूप से या वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेश होना अनिवार्य हो सकता है।
दरअसल, ईडी के समन पर व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने से छूट पाने के लिए हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश पारित किया। समन की लगातार अनदेखी किए जाने पर ईडी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ शिकायतवाद दर्ज करवाया था। यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में कांड संख्या 2/2024 के रूप में चल रहा है और इसकी सुनवाई जारी है।
ईडी की शिकायत के अनुसार, जमीन घोटाले की जांच के दौरान हेमंत सोरेन को कुल 10 समन भेजे गए थे, जिनमें से उन्होंने केवल दो—20 जनवरी के 8वें समन और 31 जनवरी के 10वें समन—पर ही उपस्थिति दर्ज कराई। ईडी का कहना है कि बाकी समनों को नजरअंदाज करना समन की अवहेलना की श्रेणी में आता है।