असम विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर पहुंचकर देवी का दर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और बेहतर भविष्य की कामना की। मंदिर दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि असम के लोगों से उन्हें जो स्नेह और आशीर्वाद मिला है, वह उनके लिए बेहद प्रेरणादायक है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी भरोसे के साथ उनकी पार्टी समाज के वंचित और आदिवासी वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने मां कामाख्या से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
गौरतलब है कि हेमंत सोरेन इन दिनों असम में चुनावी अभियान में सक्रिय हैं। उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इस दौरान उनकी पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन भी विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं कर रही हैं और पार्टी के पक्ष में समर्थन जुटा रही हैं।
चुनावी अभियान के तहत झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम के लिए भी कई लोकलुभावन घोषणाएं की हैं। पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया है। इसके अलावा चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों के लिए 500 रुपये दैनिक न्यूनतम मजदूरी तय करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही हर परिवार को आवास, बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है। कल्पना सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य से जुड़ा हुआ है।
असम में जारी इस चुनावी अभियान के बीच धार्मिक आस्था और राजनीतिक संदेश दोनों के माध्यम से झामुमो जनता से जुड़ने की कोशिश कर रही है।