झारखंड में स्वास्थ्य नवाचार को नई दिशा, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल की शुरुआत

झारखंड में स्वास्थ्य नवाचार को नई दिशा, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल की शुरुआत

झारखंड में स्वास्थ्य नवाचार को नई दिशा, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल की शुरुआत
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 15, 2026, 6:34:00 PM

झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक और नवाचार के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजधानी रांची के होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित ‘मेडटेक इनोवेशन डे’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने डिजिटल माध्यम से ‘डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स’ पहल का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम भारतीय विकास ट्रस्ट (BVT) और PHIA फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

नई पहल का उद्देश्य चिकित्सा तकनीकों और स्वास्थ्य संबंधी नवाचारों को वास्तविक परिस्थितियों में परखने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स को सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के भीतर अपनी तकनीकों का परीक्षण करने, उनकी उपयोगिता का मूल्यांकन करने और सफल समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उनके अनुसार, स्वास्थ्य क्षेत्र आज वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित समाधान समय की आवश्यकता हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बायो-इंजीनियरिंग और डेटा-आधारित स्वास्थ्य प्रणालियाँ चिकित्सा सेवाओं को नई दिशा देंगी। उन्होंने कार्यक्रम में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी नवाचारों की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी ताकि उनके नवाचार लोगों तक पहुँच सकें। इस दौरान उन्होंने IIT धनबाद के पूर्व छात्रों द्वारा विकसित पोर्टेबल डिजिटल एक्स-रे उपकरण का भी अवलोकन किया, जो बिना फिल्म के कार्य करने में सक्षम है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, एमबीबीएस और पीजी सीटों की संख्या में वृद्धि तथा चिकित्सकों की नियुक्तियों को प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। साथ ही उन्होंने ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नए मॉडल विकसित किए जाने की जानकारी दी।

डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रस्तावित एआई सम्मेलन का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में 745 ‘अबुआ मेडिकल स्टोर’ स्थापित करने की योजना की भी जानकारी दी। उनका कहना था कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य तकनीक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के बीच बेहतर समन्वय को लेकर दो विशेष परिचर्चाओं का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि किस प्रकार सरकार, स्वास्थ्य संस्थान, इनोवेटर्स और विकास साझेदार मिलकर नई तकनीकों को तेजी से अपनाने और व्यापक स्तर पर लागू करने की प्रक्रिया को मजबूत बना सकते हैं।

PHIA फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जॉनसन टोपनो ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट सैंडबॉक्स विभिन्न हितधारकों को एक साझा मंच पर लाकर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान विकसित करने और उन्हें व्यवहारिक परिस्थितियों में परखने का अवसर देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल प्रभावी स्वास्थ्य तकनीकों को तेजी से अपनाने और समाज के बड़े वर्ग तक उनके लाभ पहुँचाने में सहायक सिद्ध होगी।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल झारखंड में स्वास्थ्य नवाचार के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण, आदिवासी और वंचित समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।