झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के 21 वर्षीय पोते वीर सोरेन के आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक व्याप्त है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि कुल्लू में हुई यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की तथा कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है।
हिमाचल में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई मौत
जानकारी के अनुसार वीर सोरेन अपने मित्रों के साथ हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। 22 फरवरी को मनाली पहुंचने के बाद वे सोलंग–सेथन क्षेत्र भी गए और शाम को होम स्टे लौट आए। अगले दिन दोपहर में आसपास घूमने के बाद जब सभी वापस कमरे में पहुंचे तो वीर सोरेन सो रहे थे। जगाने पर उन्होंने तेज सिरदर्द की शिकायत की, जिस पर साथियों ने दवा मंगाकर दी और वे फिर सो गए।
सीने में दर्द नहीं, सिरदर्द के बाद अचानक गिरे
करीब ढाई बजे कमरे से गिरने की आवाज सुनाई दी। साथी जब अंदर पहुंचे तो वे बिस्तर से नीचे गिरे मिले। तुरंत उन्हें निजी वाहन से सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले उनके मुंह से झाग निकलने लगा था। चिकित्सकों ने काफी देर तक सीपीआर दिया, लेकिन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की प्रक्रिया
पुलिस ने शव को मनाली के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया है। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार पोस्टमार्टम किया जाएगा। इस दुखद घटना से सोरेन परिवार और उनके समर्थकों में गहरा शोक है।