NTPC की कोल माइनिंग पर CAG की पैनी नजर; थीम ऑडिट से अनुबंध, लागत और सुरक्षा मानकों की होगी जांच

NTPC की कोल माइनिंग पर CAG की पैनी नजर; थीम ऑडिट से अनुबंध, लागत और सुरक्षा मानकों की होगी जांच

NTPC की कोल माइनिंग पर CAG की पैनी नजर; थीम ऑडिट से अनुबंध, लागत और सुरक्षा मानकों की होगी जांच
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 25, 2026, 1:13:00 PM

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने एनटीपीसी की कोयला खनन गतिविधियों की गहन पड़ताल का फैसला लिया है। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता नवीन कुमार सिंह द्वारा अपने मुवक्किल मंटू सोनी उर्फ शनि कांत की ओर से भेजे गए विधिक नोटिस और विशेष सूचना के आधार पर यह कदम उठाया गया है। CAG मुख्यालय ने डीजीए (माइंस), कोलकाता को वार्षिक ऑडिट योजना 2025-26 के तहत विशेष ‘थीम ऑडिट’ करने का निर्देश दिया है।

ऑडिट के केंद्र में रहेगा खनन प्रबंधन  

यह ऑडिट एनटीपीसी की कोल माइनिंग व्यवस्था पर केंद्रित रहेगा, जिसमें खास तौर पर माइनिंग डेवलपर एवं ऑपरेटर (MDO) से जुड़े अनुबंध, उत्पादन लागत और श्रमिक सुरक्षा उपायों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। ऑडिट टीम विभिन्न खदानों के आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण कर प्रक्रियागत खामियों और संभावित वित्तीय अनियमितताओं का आकलन करेगी।

थीम ऑडिट क्या होता है?

सामान्य लेखा परीक्षण के विपरीत थीम ऑडिट किसी संस्था की एक विशेष गतिविधि पर केंद्रित होता है। इस मामले में पूरा फोकस एनटीपीसी की कोयला उत्पादन प्रणाली पर है, ताकि यह देखा जा सके कि संचालन निर्धारित लक्ष्य, लागत मानकों और नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं।

इन बिंदुओं पर होगी विशेष जांच

डीजीए (माइंस) द्वारा किए जा रहे इस ऑडिट में कई अहम पहलुओं को परखा जा रहा है:

आवंटित खदानों से तय समय सीमा के अनुसार कोयला उत्पादन हो रहा है या नहीं

उत्पादन लागत का बाजार दरों से तुलनात्मक अध्ययन

एमडीओ को दिए गए ठेकों में पारदर्शिता और नियमों का अनुपालन

पर्यावरण स्वीकृति (EC) की शर्तों का पालन

खदानों में कार्यरत मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था

लीगल नोटिस से शुरू हुई प्रक्रिया

इस पूरे प्रकरण की पृष्ठभूमि 2 अप्रैल 2025 को भेजे गए उस विधिक नोटिस से जुड़ी है, जिसके आधार पर CAG ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष ऑडिट का आदेश दिया। फिलहाल ऑडिट प्रक्रिया जारी है और इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही संभावित अनियमितताओं की तस्वीर साफ हो