भाजपा स्थापना दिवस पर भी “कांग्रेस फोबिया” से ग्रस्त; वादों की छप्पन इंच हकीकत में खोखली : आलोक दूबे
भाजपा स्थापना दिवस पर भी “कांग्रेस फोबिया” से ग्रस्त; वादों की छप्पन इंच हकीकत में खोखली : आलोक दूबे
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी अपने स्थापना दिवस जैसे अवसर पर भी विपक्ष के प्रति अपनी नकारात्मक सोच से बाहर नहीं आ पा रही है। उन्होंने टिप्पणी की कि सत्तारूढ़ दल का ध्यान जनहित के मुद्दों से हटकर राजनीतिक विरोध पर अधिक केंद्रित हो गया है।
दूबे ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान समय में देश की छवि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रभावित हो रही है। उनके अनुसार, सरकार को वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आम लोगों पर लगातार बोझ बढ़ रहा है। रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि और रोजमर्रा की जरूरतों के महंगे होने से जनता परेशान है, जबकि केंद्र सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय चुनावी गतिविधियों में व्यस्त दिखाई देती है।
कोरोना महामारी के दौर को याद करते हुए दूबे ने आरोप लगाया कि उस समय भी सत्ताधारी दल के नेता जनता के बीच सक्रिय नहीं थे। उनका कहना था कि आज भी कई जनप्रतिनिधि आम लोगों से दूरी बनाए हुए हैं और संकट की घड़ी में उनकी मौजूदगी महसूस नहीं हो रही है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार की नीतियों का असर देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर नकारात्मक रूप से पड़ा है। बड़े-बड़े दावों और मजबूत नेतृत्व की बात करने वाली सरकार से अब जनता वास्तविक परिणाम देखना चाहती है।
अपने बयान के अंत में आलोक दूबे ने कहा कि देश की जनता अब परिस्थितियों को समझ रही है और समय के साथ वह सही निर्णय लेने में सक्षम है।