बिजली दर बढ़ोत्तरी के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

बिजली दर बढ़ोत्तरी के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

बिजली दर बढ़ोत्तरी के खिलाफ भाजपा का हल्ला बोल, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 17, 2026, 5:29:00 PM

झारखंड में बिजली शुल्क में वृद्धि और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने राज्य के विभिन्न जिलों में बिजली कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। पार्टी नेताओं ने बढ़े हुए बिजली बिलों को वापस लेने की मांग करते हुए सरकार पर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर कथित अनियमितताओं के जरिए सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं से ज्यादा शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दरों में की गई बढ़ोतरी को वापस नहीं लिया गया, तो पार्टी बड़े स्तर पर आंदोलन तेज करेगी।

साहू ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि हाल के दिनों में कई वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेजरी से जुड़े कथित घोटाले की गंभीरता काफी अधिक है, जिसके कारण सरकारी तंत्र में वेतन भुगतान तक प्रभावित हो रहा है।

बिजली आपूर्ति और बिलिंग प्रणाली पर भी भाजपा ने तीखा हमला बोला। पार्टी का कहना है कि उपभोक्ताओं को असामान्य रूप से अधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं, जिनमें लाखों रुपये तक की मांग की जा रही है। स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर भी असंतोष जताते हुए कहा गया कि उपभोक्ताओं को अचानक लंबे समय का बकाया थमा दिया जा रहा है और भुगतान में देरी होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए, जहां खराब ट्रांसफार्मरों को लंबे समय तक नहीं बदला जा रहा।

किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा ने सरकार पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। पार्टी के अनुसार, किसानों को घोषित समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिला, रसोई गैस की कीमतों में राहत नहीं दी गई और युवाओं को रोजगार या भत्ता उपलब्ध कराने में भी सरकार विफल रही है।

इसके साथ ही 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने के वादे को भी भाजपा ने सवालों के घेरे में रखा। पार्टी का कहना है कि यह घोषणा जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाई है। साथ ही आरोप लगाया गया कि खनन से जुड़े फंड और अन्य संसाधनों का उपयोग जनकल्याण के बजाय अन्य खर्चों में किया जा रहा है।

इस पूरे मुद्दे पर भाजपा ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि आम जनता को राहत देने के लिए बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस लिया जाना चाहिए।