टेट मान्यता और वेतन को लेकर 18 अप्रैल से मुख्यमंत्री आवास के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे सहायक शिक्षक

टेट मान्यता और वेतन को लेकर 18 अप्रैल से मुख्यमंत्री आवास के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे सहायक शिक्षक

टेट मान्यता और वेतन को लेकर 18 अप्रैल से मुख्यमंत्री आवास के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे सहायक शिक्षक
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 13, 2026, 12:29:00 PM

झारखंड में आकलन प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। संघर्ष मोर्चा ने राज्यभर में अपनी गतिविधियां तेज करते हुए सभी प्रखंडों में बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया है। हालांकि, कुछ स्थानों पर बैठकें नहीं हो सकीं, लेकिन संगठन का दावा है कि आंदोलन को व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक लगभग 20 विधायकों को मांग पत्र सौंपा जा चुका है और शेष जनप्रतिनिधियों तक जल्द पहुंचने की रणनीति बनाई गई है।

आंदोलन की आगामी रूपरेखा के तहत 14 अप्रैल को सभी जिलों में बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें आगे की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 18 अप्रैल से राजधानी में मुख्यमंत्री आवास के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना और आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि यदि 19 अप्रैल तक सरकार के साथ कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

मोर्चा की ओर से आंदोलन में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई है। 18 और 19 अप्रैल को प्रत्येक प्रखंड से पांच और हर जिले से कम से कम 20 प्रमुख प्रतिनिधियों को अनशन में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। वहीं, 20 और 21 अप्रैल को सभी सहायक शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेकर धरना स्थल पर पहुंचेंगे। आवश्यकता पड़ने पर यह भागीदारी आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रखने की बात कही गई है।

धरना स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर भी संगठन सक्रिय हो गया है। पंडाल, बैठने की व्यवस्था, कूलर, ध्वनि प्रणाली और प्रकाश व्यवस्था के लिए धन संग्रह किया जा रहा है। इसके तहत हर प्रखंड से 2000 रुपये और प्रत्येक जिले से 5000 रुपये का योगदान देने को कहा गया है। साथ ही महिला शिक्षकों के लिए पेयजल, शौचालय और ठहरने की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

शिक्षकों का आरोप है कि पूर्व में हुए समझौतों के बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है। खासतौर पर आकलन परीक्षा को टेट के बराबर मान्यता देने और वेतन संबंधी मुद्दों पर नाराजगी अधिक है। करीब 40 हजार सहायक शिक्षक इस मुद्दे पर एकजुट होकर अब निर्णायक लड़ाई के लिए तैयार हैं।

संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगों में आकलन परीक्षा को टेट के समकक्ष दर्जा देना, प्रस्तावित टेट में सहायक शिक्षकों के लिए अलग कटऑफ तय करना, क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करना, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करना और सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष करना शामिल है।