रांची में अंतर्राज्यीय बच्चा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद, 15 आरोपी गिरफ्तार

रांची में अंतर्राज्यीय बच्चा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद, 15 आरोपी गिरफ्तार

रांची में अंतर्राज्यीय बच्चा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद, 15 आरोपी गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 18, 2026, 8:50:00 PM

मौसीबाड़ी इलाके से लापता दो मासूम बच्चों—अंश और अंशिका—की सुरक्षित बरामदगी के बाद रांची पुलिस ने एक संगठित अंतर्राज्यीय बच्चा चोरी और तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर 12 बच्चों को मुक्त कराया है, जबकि गिरोह से जुड़े कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

रविवार शाम मीडिया को जानकारी देते हुए रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने ठोस सुरागों के आधार पर कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान में 12 बच्चों की बरामदगी हुई, जिनमें कुछ किशोर भी हैं। तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े 13 नए आरोपियों को पकड़ा गया, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 15 हो गई।

पूछताछ से खुली गिरोह की परतें

इस मामले की कड़ी तब जुड़ी जब अंश और अंशिका की तस्करी में शामिल नव खरवार और सोनी कुमारी को रामगढ़ जिले के चितरपुर से गिरफ्तार किया गया। दोनों फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि एक संगठित गिरोह योजनाबद्ध तरीके से बच्चों का अपहरण कर उन्हें राज्य के अलग-अलग इलाकों में छिपाकर रखता है।

मानव तस्करी, जबरन भीख और अवैध गतिविधियों की पुष्टि

एसएसपी के अनुसार, आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान से सामने आया है कि अपहृत बच्चों को भीख मंगवाने, बेचने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसी गंभीर आपराधिक गतिविधियों में धकेला जाता था। गिरोह के पुरुष और महिला सदस्य न सिर्फ झारखंड, बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में भी सक्रिय थे।

कई जिलों से बच्चों की बरामदगी

पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सिल्ली (रांची), कोठार (रामगढ़) और बरियातू (लातेहार) से बच्चों को मुक्त कराया। इनमें से दो बच्चों को दो वर्ष पहले रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड से गायब किया गया था, जबकि एक बच्ची संबलपुर रेलवे स्टेशन से लापता हुई थी। अन्य बच्चों के अपहरण की घटनाएं जगन्नाथपुर (रांची), लातेहार और धनबाद से जुड़ी बताई गई हैं।

बिहार-बंगाल तक फैला नेटवर्क

पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि कुछ अपहृत बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिले और पश्चिम बंगाल में बेच दिया गया था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं तथा अन्य बच्चों की बरामदगी की संभावना बनी हुई है। इसी कड़ी में एसआईटी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही है।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

अंश और अंशिका की बरामदगी के बाद से पुलिस ने अभी सभी तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन संकेत स्पष्ट हैं कि बच्चा तस्करी का यह नेटवर्क बिहार, यूपी और बंगाल तक फैला हुआ है। मिर्जापुर से जुड़े एक गैंग के साथ संपर्क की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।