रामनवमी से पहले रांची में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर, बाजारों में महावीरी पताकाओं और बांस की बढ़ी मांग

रामनवमी से पहले रांची में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर, बाजारों में महावीरी पताकाओं और बांस की बढ़ी मांग

रामनवमी से पहले रांची में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर, बाजारों में महावीरी पताकाओं और बांस की बढ़ी मांग
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 26, 2026, 1:54:00 PM

रामनवमी के आगमन के साथ ही झारखंड की राजधानी रांची धार्मिक आस्था और उत्सव के रंग में डूब गई है। शुक्रवार को होने वाले मुख्य अनुष्ठान और भव्य शोभायात्रा की तैयारियों ने पूरे शहर को सजावट और श्रद्धा के माहौल में बदल दिया है। प्रमुख मार्गों, चौराहों और मोहल्लों में महावीरी झंडों की कतारें शहर की पहचान बन गई हैं।

इस अवसर पर बाजारों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है। महावीरी पताकाओं की बिक्री में इस बार खासा उछाल आया है। दुकानों पर छोटे आकार से लेकर अत्यधिक बड़े और आकर्षक डिजाइन वाले झंडे उपलब्ध हैं। कीमतें भी विविध हैं, साधारण पताकाएं कुछ रुपये से शुरू होकर हजारों तक पहुंच रही हैं। आम परिवार जहां अपनी जरूरत के अनुसार छोटे झंडे खरीद रहे हैं, वहीं मंदिरों और अखाड़ों के लिए बड़े और विशेष रूप से तैयार पताकाओं की मांग अधिक देखी जा रही है।

पताकाओं के साथ-साथ बांस की खपत भी तेजी से बढ़ी है, क्योंकि झंडे लगाने के लिए यह प्रमुख सामग्री है। रांची के आसपास के ग्रामीण इलाकों; जैसे लोहरदगा, बुंडू, सिल्ली, नगड़ी, नामकुम और पिठौरिया से लगातार बांस की आपूर्ति हो रही है। व्यापारियों के अनुसार, मांग को पूरा करने के लिए रोजाना ट्रक और छोटे वाहनों के माध्यम से बांस शहर में लाया जा रहा है।

बांस की कीमत उसकी लंबाई और गुणवत्ता पर निर्भर कर रही है। छोटे झंडों के लिए पतले और छोटे बांस की आवश्यकता होती है, जबकि बड़े आयोजनों और शोभायात्राओं के लिए मजबूत और लंबे बांस खरीदे जा रहे हैं। विक्रेता ग्राहकों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग विकल्प उपलब्ध करा रहे हैं।

सिर्फ पताकाएं ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े अन्य सामानों की बिक्री भी तेज हो गई है। रस्सियां, सजावटी कपड़े, झंडे के डंडे और अन्य सामग्री की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। दुकानदारों का कहना है कि आयोजन के ठीक पहले मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है, जिससे पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

इधर, प्रशासन ने भी आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है और शोभायात्रा के मार्ग तय कर लिए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने के साथ-साथ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से भी निगरानी की जाएगी।

कुल मिलाकर, रांची में रामनवमी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों से संसाधनों की आपूर्ति जारी है, तो दूसरी ओर शहर के बाजार और गलियां महावीरी झंडों से सजी हुई हैं। शुक्रवार को निकलने वाली शोभायात्रा के साथ यह धार्मिक उत्सव अपने पूरे शबाब पर नजर आएगा।