आदित्यपुर में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा, जियाडा ने जारी की भूखंड आवंटन प्रक्रिया

आदित्यपुर में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा, जियाडा ने जारी की भूखंड आवंटन प्रक्रिया

आदित्यपुर में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा, जियाडा ने जारी की भूखंड आवंटन प्रक्रिया
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 08, 2026, 1:53:00 PM

झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) ने सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में खाली पड़े भूखंडों के नए आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण की ओर से सातवें चरण के तहत उद्योग स्थापित करने के इच्छुक निवेशकों और उद्यमियों के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इस पहल को राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस चरण में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला भूखंड एनएस-78 है। करीब 14,042 वर्ग फीट क्षेत्रफल वाले इस प्लॉट के लिए आधार मूल्य 38.54 लाख रुपये तय किया गया है। प्रशासनिक मद में 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जोड़ने के बाद इसकी कुल राशि लगभग 39.31 लाख रुपये होगी। जियाडा ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को निर्धारित दर से 25 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा, जबकि व्यावसायिक उपयोग के लिए आवेदन करने वालों पर निर्धारित मूल्य का 10 गुना शुल्क लागू किया जाएगा।

पूरी आवंटन प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जा रहा है ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इच्छुक आवेदक राज्य सरकार के सिंगल विंडो पोर्टल advantage.jharkhand.gov.in के जरिए 16 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद 20 मई को प्रोजेक्ट क्लीयरेंस कमेटी की बैठक आयोजित होगी, जिसमें प्रस्तावित उद्योगों की व्यवहारिकता और पात्रता की समीक्षा की जाएगी।

प्राधिकरण ने भूमि आवंटन के लिए अलग-अलग श्रेणियों में प्रोसेसिंग शुल्क भी निर्धारित किया है। एक एकड़ तक के भूखंडों के लिए 10 हजार रुपये, एक से तीन एकड़ तक के लिए 25 हजार रुपये और तीन एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों के लिए 50 हजार रुपये शुल्क देना होगा। इन सभी राशियों पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) अलग से लागू रहेगा।

जियाडा प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि सभी भूखंड “जैसी स्थिति में हैं” उसी आधार पर आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में उद्यमियों को आवेदन से पहले स्थल निरीक्षण करने की सलाह दी गई है। आवेदन जमा होने के बाद भूमि की स्थिति को लेकर किसी प्रकार की शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, क्षेत्रीय निदेशक को नियमों और शर्तों में संशोधन करने का अधिकार दिया गया है, जिसकी जानकारी आवश्यकता पड़ने पर शुद्धिपत्र जारी कर दी जाएगी।