ACB का बड़ा एक्शन, रांची से देवघर तक छापे; धनबाद रिंग रोड भूमि घोटाले में 17 गिरफ्तार

ACB का बड़ा एक्शन, रांची से देवघर तक छापे; धनबाद रिंग रोड भूमि घोटाले में 17 गिरफ्तार

ACB का बड़ा एक्शन, रांची से देवघर तक छापे; धनबाद रिंग रोड भूमि घोटाले में 17 गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 09, 2026, 11:31:00 AM

करीब एक दशक से ठंडे बस्ते में पड़े धनबाद रिंग रोड भूमि घोटाले में आखिरकार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने निर्णायक कदम उठाया है। लंबी जांच के बाद एसीबी ने इस बहुचर्चित मामले में एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक दर्जन से अधिक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस केस में कुल 17 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है।

एसीबी की टीमों ने धनबाद, रांची, दुमका, गिरिडीह और देवघर में एक साथ छापेमारी कर आरोपियों को हिरासत में लिया। इस घोटाले में कुल 34 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामला जमीन अधिग्रहण, नामांतरण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसके जरिए करोड़ों रुपये के सरकारी धन का गबन किए जाने का आरोप है।

यह मामला वर्ष 2015 में सामने आया था, जब सामाजिक कार्यकर्ता रमेश राही ने धनबाद रिंग रोड परियोजना में हुए कथित भूमि घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बावजूद बीते दस वर्षों तक इस केस में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। भूमि घोटाले को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन और आंदोलन भी हुए थे।

जानकारी के अनुसार, एसीबी ने पहले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी थी। जैसे ही मंजूरी मिली, ब्यूरो ने एक साथ व्यापक अभियान चलाते हुए आरोपित अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

एफआईआर में रमेश राही ने आरोप लगाया था कि धनबाद जिले में भूमि से जुड़े अभिलेखों में गंभीर स्तर पर हेराफेरी की गई है। अंचल, बंदोबस्त और निबंधन कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि इन विभागों की अनियमितताओं के कारण रैयत और आम लोग परेशान हैं, जबकि भूमाफिया और बिचौलिये लाभ उठा रहे हैं। राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभागों से जुड़े अधिकारियों की गतिविधियां लगातार संदेह के घेरे में रही हैं।