अब नहीं चलेगी वर्षों की जुगाड़ पोस्टिंग, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त आदेश
अब नहीं चलेगी वर्षों की जुगाड़ पोस्टिंग, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त आदेश
झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने क्षेत्रीय और जिला शिक्षा कार्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत लिपिकों की तैनाती व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने का निर्णय लिया है। विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक एक ही कार्यालय या जिले में पदस्थापित कर्मचारियों का स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाए। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
यह निर्णय विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है। शिकायतों में क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक कार्यालय, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय, जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) कार्यालय तथा क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालयों में कार्यरत कुछ लिपिकों के लंबे समय तक एक ही जगह बने रहने, अनियमितताओं और पक्षपातपूर्ण कार्यशैली के आरोप शामिल थे। विभाग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही कार्यालय में पदस्थापना से प्रशासनिक पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाती है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने अपने निर्देश में कहा है कि कई मामलों में कर्मचारियों का स्थानांतरण होने के बावजूद उन्हें कुछ समय बाद दोबारा उसी कार्यालय में नियुक्त कर दिया जाता है। कई बार प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी उन्हें पुराने कार्यस्थल पर भेज दिया जाता है। विभाग ने ऐसी व्यवस्था को अनुचित मानते हुए भविष्य में इस पर रोक लगाने का फैसला किया है।
नए आदेश के अनुसार, जो लिपिक किसी एक कार्यालय में लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत हैं, उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा और उन्हें दूसरे कार्यालय में पदस्थापित किया जाएगा। इसके अलावा, यदि कोई कर्मचारी पिछले 12 वर्षों की अवधि में प्रतिनियुक्ति सहित कुल आठ वर्ष या उससे अधिक समय तक एक ही जिले में कार्य कर चुका है, तो उसका तबादला उसी प्रमंडल के किसी अन्य जिले में किया जाएगा। वहीं, लगातार छह वर्ष से एक ही जिले में तैनात लिपिकों को भी दूसरे जिले में भेजने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने प्रतिनियुक्ति को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की है। अब किसी कर्मचारी को ऐसे कार्यालय में प्रतिनियुक्त नहीं किया जाएगा, जहां उसकी कुल सेवा अवधि या प्रतिनियुक्ति अवधि तीन वर्ष या उससे अधिक रही हो। हालांकि, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में की गई प्रतिनियुक्ति को इस प्रावधान से अलग रखा गया है। यदि किसी विशेष प्रशासनिक आवश्यकता के कारण किसी कर्मचारी को उसके पूर्व पदस्थापन वाले कार्यालय में भेजना जरूरी हो, तो संबंधित अधिकारी को उचित कारण बताते हुए पहले माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर निर्णय लेना संभव न हो, उनमें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से परामर्श लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सभी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशकों और संबंधित अधिकारियों को आदेशों का तत्काल पालन सुनिश्चित करने तथा 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।