रांची में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को नयी धार, तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रांची में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को नयी धार, तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रांची में जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को नयी धार, तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 07, 2026, 5:28:00 PM

राजधानी रांची में नागरिक निबंधन प्रणाली (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम–CRS) को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने अहम पहल की है। इसी क्रम में समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित कक्ष संख्या 505 में आयोजित तीन दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 2, 5 और 6 जनवरी को आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्तर के प्रशासनिक और तकनीकी कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत 2 जनवरी को उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। उद्घाटन सत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जन्म और मृत्यु के पंजीकरण में किसी भी तरह की ढिलाई या अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी घटना का निबंधन निर्धारित समय-सीमा, यानी 21 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। साथ ही, उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों से अपेक्षा जताई कि वे आम लोगों को बिचौलियों से बचाते हुए सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराएं।

प्रशिक्षण के अंतिम दिन 6 जनवरी को समापन सत्र को संबोधित करते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार शेषनाथ बैठा ने कहा कि यह पहल जिला प्रशासन की उस सोच का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को सीधे नागरिकों तक पहुंचाना और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को जमीन पर उतारना है। उन्होंने याद दिलाया कि जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969 के तहत राज्य में होने वाली प्रत्येक जन्म और मृत्यु का पंजीकरण कानूनी रूप से अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि नागरिकों के अनेक अधिकारों और सुविधाओं की कुंजी है। इसका उपयोग स्कूल में दाखिले से लेकर राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मतदाता पहचान, पेंशन योजनाओं, स्वास्थ्य लाभ, संपत्ति हस्तांतरण, बीमा दावों, बैंकिंग प्रक्रियाओं, दुर्घटना मुआवजे और न्यायालयीन साक्ष्य तक में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, ये आंकड़े देश की जनसंख्या स्थिति, शिशु मृत्यु दर के आकलन और चिकित्सा अनुसंधान के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर रांची) कुमार रजत, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह, जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, उप नगर प्रशासक-सह-रजिस्ट्रार निहारिका तिर्की, सहायक निदेशक ज्ञानचन्द्र महतो सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी, सांख्यिकी पर्यवेक्षक, पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार और कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।