रांची के ब्राम्बे स्थित रिमझिम वॉटर किंगडम एंड रिसॉर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने हिंदू समाज से एकजुट रहने की अपील की। अपने संबोधन में उन्होंने सनातन परंपरा की व्यापकता और प्रकृति के प्रति उसके सम्मान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह परंपरा धरती, आकाश, वनस्पतियों और सभी जीवों के प्रति श्रद्धा का संदेश देती है।
डॉ. तोगड़िया ने समाज में विभाजन पैदा करने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय समुदाय को आगाह करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी प्रवृत्ति से दूरी बनाए रखनी चाहिए जो सामाजिक समरसता को प्रभावित करती हो।
कार्यक्रम में उपस्थित लोहरदगा के पूर्व सांसद सुदर्शन भगत ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने सनातन परंपरा को शाश्वत बताते हुए कहा कि इसकी मूल भावना को समझना और उसे मजबूत करना समय की मांग है। उन्होंने जनजातीय समाज से आह्वान किया कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रयासों से दूर रहकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानें।
विशिष्ट अतिथि ऋषि नाथ शाहदेव ने सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि सरना और सनातन परंपराओं में मूलभूत समानताएं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई सरना परिवारों में शिव की पूजा की जाती है, जो दोनों परंपराओं के सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने गैर-जनजातीय समुदाय से भी सरहुल जैसे पारंपरिक पर्वों में भागीदारी करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान रिमझिम वॉटर किंगडम एंड रिसॉर्ट के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. तोगड़िया को भगवद गीता भेंट की। वहीं महली समाज के कोषाध्यक्ष अशोक महली ने नागपुरी साहित्य से जुड़ा एक विशेष संकलन भेंट स्वरूप प्रदान किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में अनुनय मंत्री, पवन कुमार, अशोक लाल, विकास दुबे, मुकेश कुमार, छोटन महली, विकास रॉय और अरविंद सिंह सहित कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।