राजधानी रांची में छोटे व्यापारियों, खासकर फल और सब्जी बेचने वाले सड़क किनारे विक्रेताओं के लिए एक नई पहल शुरू की जा रही है। रांची लोकसभा क्षेत्र में “नमो स्टॉल (ठेला)” योजना के तहत जरूरतमंद रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को कल से ठेले उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनके रोज़गार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस पहल को लेकर सांसद संजय सेठ ने बताया कि शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था में छोटे विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इन कारोबारियों को बेहतर साधन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वे अपनी आय में वृद्धि कर सकें और अपने काम को अधिक व्यवस्थित तरीके से चला सकें।
योजना के तहत पात्र विक्रेताओं को बिना किसी शुल्क के ठेले दिए जाएंगे। इससे उन्हें अपने क्षेत्रों में आसानी से घूम-घूमकर सामान बेचने में सुविधा होगी और उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों में सुधार आएगा। यह कदम न केवल उनकी आजीविका को स्थिर करने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाएगा।
संजय सेठ ने बताया कि इस कार्यक्रम की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से ली गई है, जिसका उद्देश्य छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाना और शहरी ढांचे को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है।
उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे इस पहल में सहयोग करें और स्थानीय विक्रेताओं को बढ़ावा दें। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयासों से रांची को स्वच्छ और आर्थिक रूप से सुदृढ़ शहर बनाया जा सकता है।