न*शा तस्करी पर ऐतिहासिक प्रहार, झारखंड में पहली बार ड्र*ग्स से बनी संपत्तियों पर चला कानून का डंडा

न*शा तस्करी पर ऐतिहासिक प्रहार, झारखंड में पहली बार ड्र*ग्स से बनी संपत्तियों पर चला कानून का डंडा

न*शा तस्करी पर ऐतिहासिक प्रहार, झारखंड में पहली बार ड्र*ग्स से बनी संपत्तियों पर चला कानून का डंडा
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Dec 31, 2025, 12:47:00 PM

झारखंड को नशामुक्त बनाने की दिशा में पुलिस को एक बड़ी और निर्णायक उपलब्धि हाथ लगी है। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न केवल भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं, बल्कि पहली बार अवैध नशा कारोबार से अर्जित चल-अचल संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाकर सीज किया गया है।

चतरा जिले की पुलिस ने गिद्धौर थाना क्षेत्र के गिद्धौर गांव निवासी राजेश कुमार उर्फ राजेश दांगी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कदम उठाया। जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने अफीम के अवैध व्यापार से बड़ी संपत्ति खड़ी की थी। इसी आधार पर उसकी संपत्तियों को फ्रीज और जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

पुलिस कार्रवाई के तहत रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव में स्थित 2.47 डिसमिल जमीन पर बने तीन मंजिला पक्के मकान को सील किया गया है। इसके अलावा, उसी इलाके में 4.33 डिसमिल भूमि पर बने करकट शीट वाले मकान को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपी के पांच अलग-अलग बैंक खातों में जमा रकम को भी फ्रीज कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 87.92 लाख रुपये है।

सिर्फ संपत्ति ही नहीं, बल्कि नशे के जखीरे पर भी बड़ी चोट की गई है। छापेमारी के दौरान 86.539 किलोग्राम अफीम, 5.259 किलोग्राम ब्राउन शुगर समेत अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं।

अपराध और उग्रवाद के खिलाफ सख्त रुख

चतरा जिले में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए 146 अपराधियों के खिलाफ निगरानी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2025 के दौरान सुरक्षा बलों ने लगातार विशेष अभियान चलाकर अपराधियों और उग्रवादियों पर दबाव बनाए रखा है।

नक्सल विरोधी अभियानों के तहत 15 लाख रुपये के इनामी एक रीजनल कमांडर सहित कुल 26 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, नक्सली नेटवर्क को मजबूत करने वाले चार प्रमुख समर्थकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके अलावा, दो इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है।

इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के ठिकानों से 28 हथियार, 2,840 जिंदा कारतूस, दो आईईडी और रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई सामग्री भी बरामद की है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त और व्यापक कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी, ताकि नशा तस्करी, संगठित अपराध और उग्रवाद पर स्थायी रूप से लगाम लगाई जा सके।