खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक स्कूली छात्र ने हिम्मत और समझदारी का परिचय देते हुए कथित अपहरणकर्ताओं के कब्जे से निकलकर अपनी जान बचा ली। जंगल और सड़कों से होकर छात्र ने 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की और सुरक्षित अपने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी आपबीती सुनाई। यह मामला गोड़ाटोली पंचायत के एक गांव से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पेलौल स्थित एक विद्यालय में पढ़ने वाला छात्र परीक्षा देने के लिए घर से निकला था। रास्ते में पेन भूल जाने पर उसके पिता ने उसे 50 रुपये देकर पास की दुकान से खरीदने भेजा। दुकान के पास पहले से खड़ी एक बोलेरो वाहन में सवार लोगों ने दुकानदार से कस्तूरी मांगी और छात्र को वाहन के पास बुलवाया। जैसे ही छात्र ने कस्तूरी सौंपी, वहां मौजूद चार लोगों ने उसे जबरन बोलेरो में बैठा लिया और तेजी से वहां से निकल गए।
बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ता छात्र को पेलौल, आम्रेश्वरधाम होते हुए डोड़मा और फिर सरितकेल की दिशा में ले गए। रास्ते में किसी स्थान पर वाहन के रुकते ही छात्र ने मौका देखकर साहसिक कदम उठाया। उसने अपहरणकर्ताओं को धक्का दिया और खेतों के रास्ते दौड़ते हुए भाग निकला। बदमाशों ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे उसे पकड़ नहीं सके। इस दौरान छात्र का स्कूल बैग वाहन में ही छूट गया।
काफी देर तक दौड़ने के बाद छात्र किसी तरह अपने घर पहुंचा, जहां उसने परिवार को घटना की जानकारी दी। इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है और ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्र के पिता मोरिस पूर्ति ने मुरहू थाना को इस संबंध में सूचना दी है।
वहीं, मुरहू थाना प्रभारी गॉडविन केरकेट्टा ने बताया कि अब तक थाने में अपहरण को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है और बच्चे के बयान के आधार पर पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।