9 साल बाद मिला इंसाफ! CCL सुरक्षा गार्ड के आश्रितों के लिए कोर्ट का बड़ा फैसला

9 साल बाद मिला इंसाफ! CCL सुरक्षा गार्ड के आश्रितों के लिए कोर्ट का बड़ा फैसला

9 साल बाद मिला इंसाफ! CCL सुरक्षा गार्ड के आश्रितों के लिए कोर्ट का बड़ा फैसला
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 22, 2026, 3:48:00 PM

कोयला कंपनी (CCL) के सुरक्षा गार्ड मथिया उरांव की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने उनके परिजनों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण ने मृतक के आश्रितों को 28.62 लाख रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश जारी किया है।

यह निर्णय न्यायाधिकरण के पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने सुनाया। आदेश के अनुसार, बीमा कंपनी को दो महीने के भीतर निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। यह राशि मृतक के छह पुत्र-पुत्रियों के बीच समान रूप से वितरित की जाएगी।

मामला 7 मार्च 2017 का है। उस समय मथिया उरांव टेटरिया खंड कोलियरी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। ड्यूटी के दौरान एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। जांच में सामने आया कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई थी।

घटना के बाद बालूमाथ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस विवेचना पूरी होने पर ट्रक चालक एवं वाहन मालिक उदय प्रसाद के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इसके बाद वर्ष 2020 में मृतक के छह आश्रितों ने मुआवजे के लिए दावा याचिका दायर की।

सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ट्रक चालक को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना। साथ ही यह भी पाया गया कि हादसे के समय संबंधित ट्रक का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के पास था। इसी आधार पर न्यायाधिकरण ने बीमा कंपनी को दो माह के भीतर ब्याज सहित पूरी मुआवजा राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।