झारखंड में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की साझा एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के अंतर्गत झारखंड पुलिस को बड़ी वित्तीय स्वीकृति दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए कुल 43.66 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है, जिसे लेकर गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
यह स्वीकृति एसआरई योजना के दोनों घटकों के तहत दी गई है—एक हिस्सा पूर्ण रूप से केंद्र प्रायोजित है, जबकि दूसरा 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। स्वीकृत कुल राशि में केंद्र सरकार का योगदान 35.99 करोड़ रुपये है, जबकि राज्य सरकार 7.66 करोड़ रुपये वहन करेगी।
फंड के प्रबंधन और उपयोग को लेकर सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश भी तय किए हैं। आदेश के अनुसार, आईजी अभियान, झारखंड (रांची) को इस राशि का निकासी और व्यय अधिकारी नियुक्त किया गया है। यानी फंड निकालने और उसे खर्च करने की पूरी जिम्मेदारी आईजी अभियान पर होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस राशि का उपयोग केवल उन्हीं कार्यों पर किया जाएगा, जिनके लिए इसे स्वीकृति दी गई है। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि किसी भी स्थिति में निकाली गई राशि लैप्स नहीं होनी चाहिए और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसका पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
एसआरई फंड का उपयोग मुख्य रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा से जुड़े खर्चों के लिए किया जाता है। इसमें सुरक्षा बलों की आवाजाही, हथियार और आधुनिक उपकरणों की खरीद, खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा अन्य आवश्यक एवं आकस्मिक व्यय शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इस फंड से राज्य में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को और मजबूती मिलेगी।