दुबई में फंसे झारखंड के 14 मजदूरों ने लगाई वतन वापसी की गुहार, महीनों से नहीं मिला वेतन

दुबई में फंसे झारखंड के 14 मजदूरों ने लगाई वतन वापसी की गुहार, महीनों से नहीं मिला वेतन

दुबई में फंसे झारखंड के 14 मजदूरों ने लगाई वतन वापसी की गुहार, महीनों से नहीं मिला वेतन
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 02, 2026, 11:35:00 AM

झारखंड के प्रवासी श्रमिकों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों से गए कुल 14 मजदूर इन दिनों दुबई में फंसे हुए हैं, जहां उनसे काम तो लिया जा रहा है लेकिन मेहनताना नहीं दिया जा रहा। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी तय समय से कहीं अधिक घंटे काम करवा रही है, जबकि पिछले कई महीनों से उन्हें नियमित वेतन नहीं मिला है।

काम के बदले पैसे न मिलने के कारण इन मजदूरों को रहने, खाने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी पीड़ा बताते हुए मजदूरों ने एक वीडियो संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाने की गुहार लगाई है।

यह वीडियो प्रवासी मजदूरों के मुद्दों पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सिकन्दर अली को भेजा गया, जिन्होंने इसे मीडिया के साथ साझा किया। सिकन्दर अली ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि विदेश में फंसे इन मजदूरों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक स्तर पर ठोस पहल की जाए। उन्होंने कहा कि विदेशों में जाकर शोषण का शिकार होने वाले मजदूरों के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। बेहतर कमाई के सपने में कई मजदूर बाहर जाते हैं, लेकिन वहां फंसने के बाद उन्हें लंबी प्रक्रिया के जरिए घर लौटाया जाता है।

दुबई में फंसे मजदूरों में गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र के चिचाकी गांव से रोशन कुमार और अजय कुमार, बगोदर थाना क्षेत्र के तिरला गांव से राजेश महतो और मंडरो, डुमरडेली गांव से अजय कुमार शामिल हैं। बोकारो जिले के पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के कंजकीरो गांव से डालेश्वर महतो तथा हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के खेदाडीह गांव के जागेश्वर महतो और फालेन्द्र महतो, सिरैय के बैजनाथ महतो, पारजोरिया के दिलीप महतो, गंगाधर महतो और त्रिलोकी महतो, चकचुको बसरिया के दीपक कुमार और गोरहर थाना क्षेत्र के गोरहर गांव के रोहित महतो व सेवा महतो भी इस सूची में शामिल हैं।

बताया गया है कि ये सभी मजदूर अक्टूबर 2025 में ईएमसी नामक कंपनी के तहत ट्रांसमिशन लाइन के काम के लिए दुबई गए थे। हालांकि, पिछले करीब तीन महीनों से किसी को भी पूरा वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।

इस बीच प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र की मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव निवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की 23 अक्टूबर 2025 को सऊदी अरब में मौत हो गई थी। दुखद बात यह है कि घटना के तीन महीने बीत जाने के बाद भी न तो उनका शव देश लाया जा सका है और न ही उनके परिजनों को कोई मुआवजा मिल पाया है।

दुबई में फंसे मजदूरों का कहना है कि यदि जल्द मदद नहीं मिली तो उनके सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर उनकी जान और सम्मान दोनों की रक्षा करने की अपील की है।