नगर निकाय चुनाव को लेकर बढ़ा सियासी पारा, भाजपा ने मेयर-अध्यक्ष पद के समर्थित उम्मीदवार तय किये

नगर निकाय चुनाव को लेकर बढ़ा सियासी पारा, भाजपा ने मेयर-अध्यक्ष पद के समर्थित उम्मीदवार तय किये

नगर निकाय चुनाव को लेकर बढ़ा सियासी पारा, भाजपा ने मेयर-अध्यक्ष पद के समर्थित उम्मीदवार तय किये
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 03, 2026, 12:35:00 PM

नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होते ही सभी दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीदवार चयन को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए कई नगर निगमों और नगर परिषदों के लिए अपने समर्थित प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित कोर कमेटी की अहम बैठक में नौ नगर निगमों के मेयर पद और कई नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए पार्टी समर्थित उम्मीदवारों पर सहमति बनी। इस बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल हुए और लंबे मंथन के बाद नामों पर मुहर लगी।

कोर कमेटी बैठक में अंतिम निर्णय

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने की। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और कोर कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इससे पहले 31 जनवरी को प्रत्येक सीट के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था। सोमवार को केंद्रीय नेतृत्व से स्वीकृति मिलने के बाद उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया गया।

दलीय आधार पर चुनाव नहीं, फिर भी राजनीतिक सक्रियता चरम पर

हालांकि झारखंड में नगर निकाय चुनाव औपचारिक रूप से दलीय आधार पर नहीं कराए जा रहे हैं, फिर भी सभी प्रमुख दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों को मैदान में उतार रहे हैं। भाजपा ने अभी आधिकारिक तौर पर सूची जारी नहीं की है, लेकिन चयनित नामों की जानकारी संबंधित जिलाध्यक्षों को भेज दी गई है। इसके साथ ही संगठन स्तर पर प्रचार और चुनावी प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

रांची से रोशनी खलखो को मिला भाजपा का समर्थन

राजधानी रांची नगर निगम के लिए भाजपा ने पूर्व पार्षद रोशनी खलखो को मेयर पद का समर्थित उम्मीदवार बनाया है। वे 4 फरवरी को नामांकन दाखिल करेंगी। शहरी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकी रोशनी खलखो को लेकर पार्टी नेतृत्व को भरोसा है कि उनका अनुभव और स्थानीय पकड़ चुनाव में लाभ पहुंचाएगी।

हाईकोर्ट याचिका से बनी थीं चर्चा का केंद्र

रोशनी खलखो इससे पहले उस समय सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने समय पर नगर निकाय चुनाव कराने की मांग को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देशों से राज्य में निकाय चुनाव प्रक्रिया को गति मिली थी, जिसे राजनीतिक हलकों में अहम मोड़ माना जाता है।

भाजपा के समर्थित मेयर उम्मीदवार

भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशियों की सूची के अनुसार:

  • रांची: रोशनी खलखो

  • धनबाद: संजीव अग्रवाल

  • देवघर: रीता चौरसिया

  • आदित्यपुर: प्रभाषिनी कालुंडिया

  • चास: अविनाश कुमार

  • मानगो: बबीता सिंह

  • मेदिनीनगर: अरुणा शंकर

  • हजारीबाग: सुदेश चंद्रवंशी

  • गिरिडीह: डॉ. शैलेंद्र चौधरी

पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन में क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा है।

नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भी नाम तय

नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने गढ़वा से किचन जायसवाल, दुमका से अमिता रक्षित, लोहरदगा से अनिल उरांव और चक्रधरपुर से विजय गगरा को समर्थित उम्मीदवार बनाया है। इन नामों पर भी कोर कमेटी में विस्तार से चर्चा हुई।

धनबाद में चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक उलटफेर

चुनावी सरगर्मी के बीच धनबाद की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। धनबाद के पूर्व मेयर और भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर अग्रवाल ने पार्टी छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इसे चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

झामुमो में शामिल हुए चंद्रशेखर अग्रवाल

चंद्रशेखर अग्रवाल ने दुमका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में झामुमो की सदस्यता ली। इस अवसर पर टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, झामुमो जिला अध्यक्ष लखी सोरेन, जिला सचिव मनु आलम, केंद्रीय सदस्य रमेश टुडू, उपाध्यक्ष मुकेश सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे।

बदल सकते हैं धनबाद के सियासी समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चंद्रशेखर अग्रवाल के झामुमो में शामिल होने से धनबाद नगर निगम चुनाव के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। शहरी मतदाताओं में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए झामुमो को इसका फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

आगे और तेज होगी चुनावी हलचल

कुल मिलाकर नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड में राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। भाजपा ने उम्मीदवार तय कर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है, वहीं अन्य दल भी अपनी चालें चलने में जुटे हैं। नामांकन, प्रचार और संभावित दल-बदल के साथ आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।