सोमवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार में आमजन से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य रूप से भूमि विवाद, भूमि उपयोग की अनुमति और अन्य शिकायतें सामने आईं।
उपायुक्त भजंत्री ने फरियादों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा, "जनता की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का उद्देश्य सभी सरकारी योजनाओं और सेवाओं को आमजन तक सुगमता से पहुँचाना है। जनता दरबार जैसी पहल सीधे संवाद का मंच प्रदान करती है, जिससे समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित होता है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय जतरा महोत्सव के आयोजकों के प्रतिनिधि मंडल ने भी उपायुक्त से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अनुरोध किया कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी 31 जनवरी से मोरहाबादी मैदान में महोत्सव आयोजित करने की अनुमति दी जाए। प्रतिनिधियों ने बताया कि यह महोत्सव आदिवासी समाज की परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। झारखंड और देश के अन्य राज्यों से आए आदिवासी कलाकार इस मंच पर अपनी कला और संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन करते हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है।
उपायुक्त भजंत्री ने आयोजकों के अनुरोध पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण, गरिमामय और सफलतापूर्वक संपन्न हो। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने नागरिकों को जन शिकायतों के लिए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, ताकि समस्याओं का त्वरित निस्तारण संभव हो सके।