रामगढ़ जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोला थाना क्षेत्र में संचालित एक कथित नकली विदेशी शराब निर्माण इकाई का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तैयार शराब, स्प्रिट, नकली ब्रांडिंग सामग्री और हजारों खाली बोतलों समेत बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोपनीय सूचना मिली थी कि गोला थाना अंतर्गत ऊपर खखरा टोला स्थित एक बंद मकान के भीतर अवैध रूप से विदेशी शराब तैयार की जा रही है। यह भी जानकारी सामने आई थी कि वहां से आसपास के क्षेत्रों में शराब की सप्लाई की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद रामगढ़ एसपी के निर्देश पर डीएसपी चंदन वत्स की निगरानी में एक विशेष जांच टीम गठित की गई।
एसआईटी ने संदिग्ध मकान पर छापा मारा तो वहां शराब निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ी गतिविधियां चलती मिलीं। कार्रवाई के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज मुर्मू और भदरू सिंह के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अवैध शराब के निर्माण और भंडारण से जुड़े काम में शामिल होने की बात स्वीकार की है। जांच में यह सामने आया कि स्प्रिट से तैयार शराब को नामी कंपनियों के ब्रांड जैसा रूप देने के लिए नकली होलोग्राम, स्टीकर और लेबल का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद उसे बाजार में असली विदेशी शराब बताकर बेचा जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 250 पेटी शराब, 1800 लीटर तैयार नकली शराब और लगभग 1600 लीटर स्प्रिट बरामद किया। इसके अलावा 20 हजार बोतलों के ढक्कन, 40 हजार नकली लेबल और स्टीकर, 20 हजार खाली बोतलें तथा बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस ने एक पिकअप वाहन और दो मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली हैं, जिनका इस्तेमाल सप्लाई नेटवर्क में किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर चल रहा यह कारोबार किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब की खेप किन-किन इलाकों तक पहुंचाई जा रही थी। मामले में गोला थाना में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच जारी है।