JEE Mains से पहले सिस्टम से छेड़छाड़ की साजिश नाकाम, रामगढ़ में एग्जाम रैकेट का भंडाफोड़

JEE Mains से पहले सिस्टम से छेड़छाड़ की साजिश नाकाम, रामगढ़ में एग्जाम रैकेट का भंडाफोड़

JEE Mains से पहले सिस्टम से छेड़छाड़ की साजिश नाकाम, रामगढ़ में एग्जाम रैकेट का भंडाफोड़
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 31, 2026, 12:13:00 PM

झारखंड के रामगढ़ जिले में JEE Mains परीक्षा से ठीक पहले एक संगठित गड़बड़ी की कोशिश का खुलासा हुआ है। 2 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से एक विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में कथित रूप से अवैध तरीके से सिस्टम में बदलाव किए जा रहे थे। समय रहते इस गतिविधि का पता चलने से संभावित बड़ा घोटाला टल गया।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मौके से करीब 70 कंप्यूटर, एक फॉर्च्यूनर वाहन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से पूरे नेटवर्क की जांच में जुटे हैं।

घटना 29 मार्च 2026 की बताई जा रही है। आरोप है कि विश्वविद्यालय के तकनीकी कर्मचारी दिनेश कुमार महतो कुछ बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलकर कंप्यूटर लैब में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। ये लोग खुद को TCS से जुड़ा बताकर बिना अनुमति लैब में प्रवेश कर गए और वहां लगे उपकरणों के साथ छेड़छाड़ करने लगे।

इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी, उमेश कुमार साव, ने लैब के बाहर असामान्य हलचल देखी। उन्होंने पाया कि लैब का दरवाजा खुला है और कुछ लोग कंप्यूटर मॉनिटर खोलकर एक वाहन में रख रहे हैं, जबकि नए मॉनिटर अंदर लगाए जा रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की।

संदेह बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपियों द्वारा दिए गए दावे की पुष्टि TCS के क्षेत्रीय अधिकारी से की। जांच में यह सामने आया कि कंपनी की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था। इसके बाद मामला स्पष्ट हो गया और पुलिस को सूचना दी गई।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार तकनीशियन दिनेश महतो ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसे कुछ लोगों द्वारा पैसे का लालच देकर इस साजिश में शामिल किया गया था। योजना के तहत कुछ चुनिंदा परीक्षार्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए कंप्यूटर सिस्टम बदले जा रहे थे और उनमें विशेष सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की तैयारी थी। इसके एवज में प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।

वहीं, फॉर्च्यूनर वाहन के साथ पकड़े गए सूरज कुमार ने भी खुलासा किया कि उसे बाहरी स्रोत से मॉनिटर उपलब्ध कराए गए थे और निर्देश दिया गया था कि TCS के नाम का इस्तेमाल कर विश्वविद्यालय में प्रवेश कर सिस्टम बदलने का काम किया जाए। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क 2 से 8 अप्रैल के बीच होने वाली JEE Mains परीक्षा के दौरान धांधली कर भारी रकम कमाने की योजना बना रहा था। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच जारी है।