पलामू : पुलिस विभाग में ‘फेवरिट सिस्टम’ पर वार, चहेते अफसरों को केस देने वाले थाना प्रभारी रडार पर

पलामू : पुलिस विभाग में ‘फेवरिट सिस्टम’ पर वार, चहेते अफसरों को केस देने वाले थाना प्रभारी रडार पर

पलामू : पुलिस विभाग में ‘फेवरिट सिस्टम’ पर वार, चहेते अफसरों को केस देने वाले थाना प्रभारी रडार पर
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: May 05, 2026, 5:34:00 PM

पलामू रेंज में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर बड़ी सख्ती बरती जा रही है। डीआईजी किशोर कौशल ने संकेत दिया है कि ऐसे थाना प्रभारी जल्द ही कार्रवाई के दायरे में आएंगे, जो नियमों को दरकिनार कर अपने पसंदीदा अधिकारियों को मामलों की जांच सौंप रहे हैं। इस संबंध में पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

हाल ही में डीआईजी द्वारा छतरपुर इंस्पेक्टर कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। जांच में सामने आया कि छतरपुर, नौडीहा बाजार और पिपरा थानों में स्टेशन डायरी समय पर अपडेट नहीं की जा रही थी, जो पुलिस प्रशासन में एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। इस पर संबंधित थाना प्रभारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि छतरपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों की तुलना में लंबित मामलों की संख्या कई गुना अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, 159 मामलों के मुकाबले लंबित केसों की संख्या लगभग 14 गुना तक पहुंच गई है। हैरानी की बात यह भी रही कि इतने मामलों में से केवल एक केस का निष्पादन स्वयं थाना प्रभारी द्वारा किया गया।

सूत्रों के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में लंबित मामलों की संख्या दर्ज मामलों की तीन से चार गुना तक ही स्वीकार्य मानी जाती है। इस मानक से कहीं अधिक पेंडेंसी प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है।

नौडीहा बाजार और पिपरा थाना क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। इन इलाकों से नक्सल विरोधी अभियानों का संचालन होता है और यह अंतरराज्यीय सीमा से सटे हुए हैं, जिससे इनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग मामलों की जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पाया गया है कि कुछ थाना प्रभारी अपनी पसंद के अधिकारियों को केस सौंप रहे हैं, जो अनुचित है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल, संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी जारी है।