पलामू के रंगकर्मियों का कमाल, सात पुरस्कारों के साथ जीता राष्ट्रीय खिताब
पलामू के रंगकर्मियों का कमाल, सात पुरस्कारों के साथ जीता राष्ट्रीय खिताब
रंगकर्मियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए झारखंड का मान बढ़ाया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला में ऑल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित ऑल इंडिया ड्रामा प्रतियोगिता में पलामू की प्रतिष्ठित संस्था मासूम आर्ट ग्रुप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों की नाट्य टीमों ने भाग लिया, लेकिन मासूम आर्ट ग्रुप की प्रस्तुति ने दर्शकों और निर्णायकों दोनों का दिल जीत लिया। ग्रुप ने प्रतियोगिता में 'फिर मिलेंगे’ नाटक का मंचन किया। यह नाटक एक ट्रक ड्राइवर की ईमानदारी, उसके पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों तथा संघर्षपूर्ण जीवन को दर्शाता है। नाटक की भावनात्मक कहानी और कलाकारों के सशक्त अभिनय की खूब सराहना हुई। मासूम आर्ट ग्रुप को इस प्रतियोगिता में कुल सात पुरस्कार प्राप्त हुए। ‘फिर मिलेंगे’ को प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ नाटक (प्रथम पुरस्कार) घोषित किया गया। नाटक के लेखक एवं निर्देशक सैकत चट्टोपाध्याय को बेस्ट राइटर और बेस्ट डायरेक्टर का प्रथम पुरस्कार मिला। वहीं, ट्रक ड्राइवर सूरज प्रसाद की मुख्य भूमिका निभाने के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। नाटक में सीता की भूमिका निभाने वाली मुनमुन चक्रवर्ती को बेस्ट एक्ट्रेस का प्रथम पुरस्कार मिला। इसके अलावा विनय चौहान को बेस्ट लाइटिंग का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। सावित्री की भूमिका निभाने वाली श्यामली घोष को उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए सांत्वना पुरस्कार दिया गया।नाटक में अमर कुमार भांजा, गुलशन मिश्रा, उज्ज्वल सिन्हा, राज प्रतीक पाल, प्रकाश ठाकुर, प्रकाश कुमार और राहुल चंद्रवंशी ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। वहीं, संगीत एवं ध्वनि प्रभाव की जिम्मेदारी राहुल कुमार, राजा सिन्हा और मानस राय ने संभाली। प्रतियोगिता में शानदार सफलता के साथ-साथ मासूम आर्ट ग्रुप के प्रमुख रंगकर्मी सैकत चट्टोपाध्याय को रंगमंच के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सुदर्शन गौड़ कला गौरव सम्मान' से भी सम्मानित किया गया। यह राष्ट्रीय सम्मान प्रतिवर्ष उन कलाकारों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो। सम्मान प्राप्त करने के बाद सैकत चट्टोपाध्याय ने इस उपलब्धि को पूरे पलामू और झारखंड के नाम समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पलामू की समृद्ध सांस्कृतिक और रंगमंचीय परंपरा की भी पहचान है। पलामू की इस ऐतिहासिक सफलता से कला और रंगमंच से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। पूरे जिले में मासूम आर्ट ग्रुप की इस उपलब्धि की सराहना की जा रही है।