पलामू से सैकडों पेडों की कटाई, उजड़ गया कई किलोमीटर का जंगल! आखिर जिम्मेदार कौन?

पलामू से सैकडों पेडों की कटाई, उजड़ गया कई किलोमीटर का जंगल! आखिर जिम्मेदार कौन?
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
: Jun 28, 2026, 8:21:00 PM

झारखंड के पलामू जिले से हैरान करने वाली खबर है। यहां जिले के मनातू-पांकी क्षेत्र में हुई कथित अवैध पेड़ कटाई का मामला एक बार फिर चर्चा में है। झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद CID ने जांच तेज कर दी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही बना हुआ है कि इतनी बडी संख्या में पेडों की कटाई हो गयी, किसी भी अधिकारी को इतने बड़े खेल की जानकारी नहीं थी, या फिर सब कुछ उनकी नाक के नीचे होता रहा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसी चर्चा जोरों पर है कि किसी शादी समारोह के आयोजन के लिए 102 पेड़ काटने की अनुमति ली गई, लेकिन उसी अनुमति की आड़ में कई किलोमीटर तक फैले जंगल से हजारों बहुमूल्य पेड़ काट दिए गए। कहा यह भी जा रहा है कि करोड़ों रुपये की लकड़ी ट्रैक्टरों के जरिए पडोसी राज्य बिहार तक पहुंच दी गयी। रास्ते में चेकपोस्ट भी थे, वन विभाग की निगरानी भी थी, फिर भी यह कथित तौर पर तस्करी आखिर कैसे चलती रही?

इस मामले में वन विभाग के कई अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आए, सैकड़ों ट्रैक्टर लकड़ी जब्त होने की बात सामने आई, एफआईआर हुई, निलंबन हुआ और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया। इसके बावजूद आज तक पूरे नेटवर्क, कथित मास्टरमाइंड और आर्थिक लेन-देन का खुलासा नहीं हो पाया है। सवाल अब भी यही बना हुआ है कि जांच के दायरे में जिम्मेदार अधिकारी कब आएंगे? क्या जांच सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक सीमित रहेगी? या फिर उन बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों तक भी पहुंचेगी, जिनकी कथित भूमिका की चर्चा वर्षों से होती रही है?

पलामू के जंगल किसी एक विभाग की संपत्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। यदि करोड़ों रुपये के इस कथित जंगल घोटाले में किसी की भी संलिप्तता साबित होती है, तो उसके खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। अब पूरे पलामू की नजर CID की अगली कार्रवाई पर है। 

पलामू से विकास की रिपोर्ट