झारखंड-बिहार सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान, सुरक्षाबलों के निशाने पर कई इनामी उग्रवादी

झारखंड-बिहार सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान, सुरक्षाबलों के निशाने पर कई इनामी उग्रवादी

झारखंड-बिहार सीमा पर नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान, सुरक्षाबलों के निशाने पर कई इनामी उग्रवादी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 12, 2026, 4:48:00 PM

झारखंड के पलामू प्रमंडल और बिहार से लगे सीमावर्ती इलाकों में नक्सल गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान शुरू किया है। दोनों राज्यों की सीमा से सटे क्षेत्रों में घेराबंदी कर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें कई सुरक्षा इकाइयों को तैनात किया गया है।

इस अभियान में झारखंड जगुआर, आईआरबी, जैप और जिला पुलिस के जवानों की संयुक्त टीम शामिल है। सुरक्षा बलों ने पलामू जिले के नौडीहा बाजार, हरिहरगंज और पिपरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को चारों ओर से घेर लिया है और इलाके में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य प्रतिबंधित भाकपा माओवादी और टीएसपीसी जैसे संगठनों के सक्रिय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

दरअसल, केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पलामू पुलिस और अर्धसैनिक बल संयुक्त रूप से लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं। अभियान के दौरान कई वांछित नक्सलियों को पकड़ने या उनके ठिकानों का पता लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की सूची में कई इनामी उग्रवादी शामिल हैं, जिनमें 15 लाख रुपये का इनामी नितेश यादव, 10 लाख रुपये का इनामी संजय गोदराम, 10 लाख रुपये का इनामी मनोहर गंझू और टीएसपीसी का कमांडर शशिकांत गंझू प्रमुख हैं। इन उग्रवादियों की तलाश में सुरक्षाबल जंगलों और पहाड़ी इलाकों में गहन तलाशी ले रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, जहां घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियां नक्सलियों के लिए छिपने की अनुकूल जगह बनती रही हैं। यही कारण है कि सुरक्षा बल इलाके के हर संभावित ठिकाने की जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी उग्रवादी को बच निकलने का मौका न मिले।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में चलाया जा रहा यह अभियान अब तक के सबसे बड़े और सुनियोजित ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में नक्सली प्रभाव को पूरी तरह खत्म करना है।