लोहरदगा कांग्रेस में टिकट विवाद ने पकड़ा तूल, दो नेताओं पर गिरी गाज

लोहरदगा कांग्रेस में टिकट विवाद ने पकड़ा तूल, दो नेताओं पर गिरी गाज

लोहरदगा कांग्रेस में टिकट विवाद ने पकड़ा तूल, दो नेताओं पर गिरी गाज
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Feb 09, 2026, 11:42:00 AM

नगर परिषद चुनाव को लेकर लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के भीतर चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आरोप में जिला कांग्रेस कमेटी ने दो नेताओं; विशाल डुंगडुंग और सतीश रंजन उरांव को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से संबंधित निलंबन पत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखैर भगत ने 8 फरवरी 2026 को जारी किया। पत्र में दोनों नेताओं पर संगठनात्मक नियमों को तोड़ने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। 

जारी पत्र के अनुसार, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 2 फरवरी 2026 को निर्देश दिया था कि नगर निगम के मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों का चयन जिला राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की सर्वसम्मति से किया जाएगा।

इसके बाद 5 फरवरी 2026 को एक और निर्देश जारी कर स्पष्ट किया गया कि जिन उम्मीदवारों को समिति का समर्थन प्राप्त नहीं है, वे 6 फरवरी तक अपना नामांकन वापस ले लें। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि आदेश की अनदेखी करने पर अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे। जिला कांग्रेस कमेटी के मुताबिक, निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में 6 फरवरी को दोनों नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित जवाब मांगा गया था। पार्टी का दावा है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने के कारण अंततः निलंबन की कार्रवाई की गई।

विशाल डुंगडुंग ने उठाए सवाल, आरोपों को बताया गलत

निलंबन के बाद झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव विशाल डुंगडुंग ने जिला अध्यक्ष को दो पन्नों का पत्र भेजते हुए पूरे मामले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 1 फरवरी 2026 को हुई पीएसी बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी थी और बैठक में मौजूद सदस्यों ने उनका समर्थन किया था। विशाल डुंगडुंग ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें कारण बताओ नोटिस 7 फरवरी की रात करीब 10:30 बजे व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया, जबकि नोटिस पर तारीख 6 फरवरी दर्ज थी। उनका कहना है कि इस तरह देर रात नोटिस भेजकर उन्हें जवाब देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। अपने पत्र में डुंगडुंग ने दावा किया कि वे लंबे समय से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और संगठन को मजबूत करने में लगातार भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पूर्वाग्रह के आधार पर कार्रवाई की गई और उनके समर्थकों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।