कोडरमा जिले की तिलैया पुलिस ने एक ऐसे युवक को हिरासत में लिया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को ठगता था। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी यात्रियों को निशाना बनाकर उन्हें विश्वास में लेता और फिर सुनसान स्थान पर ले जाकर लूटपाट करता था।
हालिया घटना में आरोपी ने कोडरमा रेलवे स्टेशन के बाहर एक यात्री को पुलिस होने का झांसा दिया। उसने अपनी बाइक पर पुलिस का स्टिकर लगा रखा था, जिससे पीड़ित को उस पर भरोसा हो गया। इसके बाद वह उसे एक एकांत स्थान पर ले गया और वहां से नकदी व अन्य सामान छीन लिया। इस संबंध में बिहार के नवादा निवासी पीड़ित मिथलेश कुमार ने तिलैया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। महज दस घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवक की पहचान 24 वर्षीय गोपाल प्रसाद उर्फ सौरव के रूप में हुई है। उसने स्वीकार किया कि वह पहले फूड डिलीवरी का काम करता था, लेकिन अधिक कमाई की चाह में उसने यह रास्ता अपनाया। आरोपी ने खुद को पुलिसकर्मी दिखाने के लिए वर्दी, जूते, टोपी, नेम प्लेट, हथकड़ी की चाबी और अन्य पुलिस-संबंधित सामान जुटाए थे। उसने अपनी मोटरसाइकिल पर भी पुलिस का स्टिकर लगा रखा था, ताकि लोगों को भ्रमित किया जा सके।
आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने कुछ समय पहले तिलैया क्षेत्र में एक बुजुर्ग रेल कर्मचारी को भी इसी तरह ठगा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूट में इस्तेमाल की गई बाइक, नकदी, काजू का पैकेट और अन्य फर्जी पुलिस सामग्री बरामद कर ली है।
पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से इलाके में सक्रिय इस तरह के अपराध पर अंकुश लगेगा और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।