कोडरमा मंडल कारा में अवैध वसूली की खुली पोल, पत्र लिखकर कैदी ने अधिकारियों को दी सूचना

कोडरमा मंडल कारा में अवैध वसूली की खुली पोल, पत्र लिखकर कैदी ने अधिकारियों को दी सूचना

कोडरमा मंडल कारा में अवैध वसूली की खुली पोल, पत्र लिखकर कैदी ने अधिकारियों को दी सूचना
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 03, 2026, 2:53:00 PM

कोडरमा जिले के मंडल कारा में कैदियों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। जेल में बंद एक कैदी ने डीसी, एसपी, जेल आईजी और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर इस बात की सूचना दी है। हत्या के एक मामले में जेल में बंद मोकामा के दिलखुश कुमार ने यह आरोप लगाया है कि विशेष सुविधा के नाम पर कैदियों से पैसे वसूले जा रहे हैं। दिलखुश कुमार ने कारावास में मिलने आए परिजनों द्वारा पत्र भेजकर अधिकारियों को सूचना दी। दिलखुश कुमार ने बताया कि मुलाकात, वार्ड परिवर्तन, इलाज और अन्य मामलों में उससे पैसों की मांग की गई। विरोध करने पर मारपीट की गई और सेल में बंद कर दिया गया। उससे अलग-अलग खातों में तीन लाख रुपए लिए गए, जिसका भुगतान ऑनलाइन किया गया है। शिकायत के दौरान UPI भुगतान के स्क्रीनशॉट साक्ष्य के रूप में मिले, जिनमें परवेज आलम, दीपक राणा सहित कुछ खातों में किए गए यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट शामिल हैं। अब इस बात पर कांग्रेस नेता संतोष यादव ने भी जेल में अवैध वसूली का आरोप लगाया है। दरअसल, हाल ही में जेल से बाहर आए संतोष यादव ने आरोप लगाया है कि जेल में गांजा, सिगरेट, खैनी और गुटखा ऊंची कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही बेहतर भोजन, विशेषज्ञ वार्ड, मुलाकात और मोबाइल पर बातचीत के लिए भी अलग-अलग दर तय है। संतोष यादव के आरोप के अनुसार कैदियों से 20 हजार रुपए तक की वसूली, कैंटीन संचालन में कमीशनखोरी और विरोध करने वालों को प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। संतोष ने आरोप लगाया कि उनके बेटे से 20 हजार रुपए लिए गए, जिसका सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध है।

कारा मंडल अधीक्षक ने किया साफ इनकार 

कारा मंडल अधीक्षक राजमोहन राजन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए आरोपों से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जेल में किसी प्रकार की अवैध गतिविधि नहीं चल रही है। जितने भी आरोप लगाए जा रहे हैं, सभी आरोप निराधार हैं। न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करते हैं। यह जेलर के खिलाफ रची जा रही केवल एक मनगढ़ंत और सुनियोजित साजिश है। वहीं, जेलर प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि ये सारे आरोप उन्हें बदनाम करने की नीयत से लगाए जा रहे हैं। विशेष सुविधा के नाम पर पैसे वसूली की बात पर उन्होंने कहा कि यह सरासर झूठ है। सभी कैदियों को जेल मैनुअल के आधार पर ही भोजन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस पूरे मामले में जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने कहा कि उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं। जो भी लोग इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।