सोमा मुंडा हत्या*कांड : आदिवासी नेताओं का ऐलान, 16 जनवरी तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो 17 को झारखंड बंद

सोमा मुंडा हत्या*कांड : आदिवासी नेताओं का ऐलान, 16 जनवरी तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो 17 को झारखंड बंद

सोमा मुंडा हत्या*कांड : आदिवासी नेताओं का ऐलान, 16 जनवरी तक गिरफ्तारी नहीं हुई तो 17 को झारखंड बंद
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 13, 2026, 2:42:00 PM

खूंटी सदर प्रखंड के हुटार स्थित जियारप्पा गांव में सोमवार को एदेल संगा पड़हा राजा स्वर्गीय सोमा मुंडा की याद में एक विशाल श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, पड़हा समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों से जुड़े नेता पहुंचे और अपने दिवंगत नेता को नमन किया।

पूर्व से तय पड़हा मैदान में सुबह लगभग 11 बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। देखते ही देखते मैदान में युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भारी संख्या में जुट गए। पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित सभा की शुरुआत पत्थलगढ़ी कर स्थापित स्मारक की पारंपरिक पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद स्व. सोमा मुंडा के चित्र पर उनके परिजनों और उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से आए पड़हा समाज के राजा और प्रमुख नेताओं ने मंच से अपने विचार रखे। महादेव मुंडा, कमल सांगा, प्रेम सांगा, मंगल सिंह मुंडा, सनिका भेंगरा सहित अन्य वक्ताओं ने स्व. सोमा मुंडा के साथ जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने उन्हें निडर, संघर्षशील और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए आजीवन लड़ने वाला नेता बताया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए उनका योगदान समाज के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इस मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और आदिवासी समाज के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। झारखंड पार्टी के जिला महासचिव योगेश वर्मा, अबुआ झारखंड पार्टी के अध्यक्ष रिदन होरो, पौलूस नाग और मार्शल बारला जैसे नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और मजबूती दी।

श्रद्धांजलि सभा के मंच से आदिवासी समन्वय समिति ने स्व. सोमा मुंडा की हत्या के मामले में प्रशासन पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग दोहराई। समिति के नेताओं ने बताया कि इस संबंध में पहले ही प्रशासन को 72 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 16 जनवरी तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो 17 जनवरी को पूरे झारखंड में बंद बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बंद न्याय की मांग और प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ होगा। साथ ही, जनता से इस आंदोलन में सहयोग करने की अपील की गई, ताकि आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाया जा सके।