खूंटी में बच्चा चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान

खूंटी में बच्चा चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान

खूंटी में बच्चा चोरी के शक में युवक को पेड़ से बांधकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान
swaraj post

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Mar 06, 2026, 11:40:00 AM

झारखंड में बच्चा चोरी की अफवाह एक बार फिर हिंसा का कारण बन गई। खूंटी जिले के रनिया थाना क्षेत्र के सोदे गांव में ग्रामीणों ने एक युवक को बच्चा चोर समझकर पेड़ से बांध दिया और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। समय पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह भीड़ के बीच से युवक को छुड़ाया और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।

जानकारी के मुताबिक, रनिया निवासी लच्छू कुमार गुरुवार (5 मार्च) की शाम करीब पांच बजे सोदे गांव के एक नौ साल के बच्चे को साथ लेकर कोयल नदी की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि उस समय युवक नशे की हालत में था। गांव के कुछ लोगों ने जब उसे बच्चे के साथ जाते देखा तो उन्हें मामला संदिग्ध लगा। देखते ही देखते गांव में यह बात फैल गई कि युवक बच्चा चोरी कर रहा है।

अफवाह फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। गुस्साए ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया और पास के एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया। इसके बाद भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। युवक लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन भीड़ ने उसकी एक नहीं सुनी। घटना के दौरान पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुछ लोगों ने रनिया थाना पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस टीम तुरंत सोदे गांव पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और युवक को भीड़ के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ थाने ले आई। उस समय तक युवक गंभीर रूप से घायल हो चुका था और उसके शरीर पर मारपीट के कई निशान थे।

पुलिस ने घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रनिया पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। फिलहाल युवक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इलाज के बाद उसे दोबारा थाने लाकर पूरे मामले में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच में बच्चा चोरी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि अब तक ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है जिससे यह साबित हो सके कि युवक बच्चे को चोरी करने ले जा रहा था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने या भीड़ हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।