जामताड़ा रेलवे साइडिंग के श्रमिकों ने उठाई आवाज, मजदूरी और सुविधाओं को लेकर डीसी से लगाई गुहार

जामताड़ा रेलवे साइडिंग के श्रमिकों ने उठाई आवाज, मजदूरी और सुविधाओं को लेकर डीसी से लगाई गुहार

जामताड़ा रेलवे साइडिंग के श्रमिकों ने उठाई आवाज, मजदूरी और सुविधाओं को लेकर डीसी से लगाई गुहार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 03, 2026, 1:25:00 PM

जामताड़ा जिले की रेलवे साइडिंग में कार्यरत श्रमिकों ने अपनी कार्य परिस्थितियों और भुगतान संबंधी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। श्रमिकों के एक समूह ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि उन्हें श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और लंबे समय से विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

श्रमिकों का कहना है कि वे जय अंबे रोड लाइंस प्राइवेट लिमिटेड, शर्मा ट्रांसपोर्ट और एमजीएम रेलवे साइडिंग से जुड़े कार्यों में दैनिक मजदूर के रूप में लगे हुए हैं। उनका दावा है कि निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता और कई बार वेतन मिलने में भी देरी होती है। इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है तथा रोजमर्रा के खर्चों का प्रबंधन करना कठिन हो गया है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्रमिकों से नियमित रूप से लंबे समय तक काम कराया जाता है। उनके अनुसार, प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी लेने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त कार्य के अनुरूप लाभ या पारिश्रमिक नहीं मिलता। श्रमिकों ने इसे श्रम मानकों के विपरीत बताया है।

कार्यस्थल की परिस्थितियों को लेकर भी श्रमिकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि रेलवे साइडिंग में कोयले की धूल और अन्य प्रदूषक तत्वों के बीच काम करना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद चिकित्सा सहायता या स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है।

श्रमिकों ने सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया है। उनके अनुसार, उन्हें बीमा, भविष्य निधि और अन्य वैधानिक लाभों से वंचित रखा गया है। साथ ही साप्ताहिक अवकाश की सुविधा भी नहीं मिलती, जिसके कारण लगातार काम करने से शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

उपायुक्त को दिए गए आवेदन में श्रमिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित कंपनियों द्वारा श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने न्यूनतम मजदूरी, परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए), कोल माइंस प्रोविडेंट फंड (सीएमपीएफ) तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है।

आवेदन सौंपने वालों में धर्मेंद्र सिंह, माना ठाकुर, संजय भैया, शुभंकर दास, रीता सिंह सहित कई श्रमिक शामिल थे। श्रमिकों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि उन्हें कानून के तहत मिलने वाले अधिकार और सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें।