जामताड़ा में पुलिस के हत्थे चढ़े तीन साइबर ठग, जानें कैसे करते थे ठगी
जामताड़ा में पुलिस के हत्थे चढ़े तीन साइबर ठग, जानें कैसे करते थे ठगी
देशभर में साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने एक संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उनके कब्जे से 9 मोबाइल फोन और 22 सक्रिय सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंकों के फर्जी कस्टमर केयर नंबर और नकली बैंक अधिकारी बनकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे और उनके खातों से रकम उड़ा देते थे।
पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली खुफिया सूचना के बाद साइबर डीएसपी अमित कुमार की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर इस साइबर नेटवर्क के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया।
पहली कार्रवाई जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह और शेखपुरा के बीच स्थित जंगल इलाके में की गई, जहां दो संदिग्धों को साइबर ठगी करते हुए पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी मैदान के समीप खजूर के पेड़ के नीचे चल रहे दूसरे ठिकाने पर दबिश दी, जहां से तीसरे आरोपी को हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवाडीह निवासी 30 वर्षीय सनातन दास, पोसोई निवासी 22 वर्षीय नितेश दास और लोहरबंधा निवासी 26 वर्षीय सिराज अंसारी के रूप में हुई है।
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि सनातन दास और नितेश दास गूगल सर्च पर यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों की जगह अपने फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड कर देते थे। जब ग्राहक सहायता के लिए उन नंबरों पर संपर्क करते, तो आरोपी स्वयं को बैंक प्रतिनिधि बताकर ओटीपी, एटीएम कार्ड की जानकारी, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण हासिल कर लेते थे। इसके बाद खातों से अवैध तरीके से पैसे निकाल लिए जाते थे।
तीसरे आरोपी सिराज अंसारी का तरीका अलग था। वह सीधे लोगों को फोन कर स्वयं को बैंक अधिकारी बताता और क्रेडिट कार्ड बंद होने, केवाईसी अपडेट करने या नया कार्ड जारी करने जैसे बहाने बनाकर बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करता था। इसी जानकारी के आधार पर वह ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था।
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 36/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस उनके पूरे नेटवर्क, अन्य संभावित साथियों और ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है।
पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि बैंक से संबंधित किसी भी सहायता के लिए केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, पासबुक या अधिकृत दस्तावेजों में दिए गए हेल्पलाइन नंबरों का ही उपयोग करें। इंटरनेट सर्च में दिखाई देने वाले अनजान कस्टमर केयर नंबरों पर भरोसा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है।
जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट