जामताड़ा में हेल्थ फंड घोटाले का खुलासा; दो निजी अस्पतालों पर FIR, एक सील

जामताड़ा में हेल्थ फंड घोटाले का खुलासा; दो निजी अस्पतालों पर FIR, एक सील

जामताड़ा में हेल्थ फंड घोटाले का खुलासा; दो निजी अस्पतालों पर FIR, एक सील
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Apr 04, 2026, 12:26:00 PM

जामताड़ा में स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े फंड में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। सिटी हॉस्पिटल और मंगलम नेत्रालय के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में जामताड़ा थाना में मामला दर्ज किया गया है। अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू की शिकायत पर दर्ज इस केस (कांड संख्या 38/2026) में दोनों संस्थानों के प्रबंध निदेशक और प्रबंधन को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई जब 24 मार्च को उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने दोनों अस्पतालों का अचानक निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आयुष्मान भारत योजना और जिला अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मिले फंड के उपयोग में गंभीर विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार की अगुवाई में एक विशेष जांच दल गठित किया गया, जिसने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।

जांच में अस्पतालों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और वास्तविक रिकॉर्ड के बीच बड़ा अंतर पाया गया। सिटी हॉस्पिटल ने जून से अगस्त 2025 के दौरान 1,098 ऑपरेशन दिखाकर लगभग 21.96 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त करने का दावा किया था। हालांकि, जब दस्तावेजों की जांच की गई तो मार्च 2025 से मार्च 2026 तक कुल 628 ऑपरेशन ही दर्ज मिले। इससे करीब 6 लाख रुपये के संदिग्ध भुगतान की पुष्टि हुई। इसी तरह, मंगलम नेत्रालय पर भी लगभग 2.70 लाख रुपये के फर्जी क्लेम का आरोप सामने आया है।

नियमों के अनुसार मरीजों का विवरण, विशेषकर मोबाइल नंबर, भुगतान प्रक्रिया के लिए अनिवार्य होता है। लेकिन जांच के दौरान जब इन नंबरों का सत्यापन किया गया, तो अधिकांश नंबर गलत या अस्तित्वहीन पाए गए, जिससे धोखाधड़ी की आशंका और गहरा गई।

निरीक्षण के दौरान कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। सिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति पाई गई और वहां संचालित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस भी वैध नहीं था। दूसरी ओर, मंगलम नेत्रालय में जांच के समय कोई मरीज मौजूद नहीं था, जबकि मधुपुर स्थित एक अन्य सिटी हॉस्पिटल बंद मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।