रामनवमी के पावन अवसर पर हजारीबाग शहर पूरी तरह धार्मिक आस्था और उत्साह के रंग में रंग गया है। शनिवार रात से शुरू होने वाला भव्य महाजुलूस रविवार भर जारी रहेगा, जिसे लेकर शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिला प्रशासन और विभिन्न आयोजन समितियों के तालमेल से इस बार आयोजन को अधिक सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
इस वर्ष जुलूस का मुख्य आकर्षण 107 अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली झांकियां होंगी। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और उनके आदर्शों को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों को सम्मानित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे जुलूस मार्ग पर 143 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा 5000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। शहर के 50 ऊंचे स्थानों पर नाइट विजन उपकरणों से लैस 100 जवान चौकसी करेंगे। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
जुलूस के संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए 10 प्रमुख स्थानों पर नियंत्रण मंच स्थापित किए गए हैं, जहां डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। प्रवेश और निकासी के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है। साथ ही झांकियों में शामिल वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी गतिविधियों की निगरानी रियल टाइम में की जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। जुलूस मार्ग पर 20 स्थानों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। 10 एंबुलेंस और 10 बाइक एंबुलेंस को तैनात किया गया है, जबकि 51 निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी विशेष ड्यूटी चार्ट लागू किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, मोबाइल शौचालय और अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि हजारीबाग की रामनवमी को अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है, जिसके कारण देश-विदेश से लोग इस आयोजन को देखने पहुंचते हैं। हर साल की तरह इस बार भी यह पर्व भक्ति, अनुशासन और भव्यता का अनोखा उदाहरण पेश करने जा रहा है।