हजारीबाग : बोर्ड परीक्षा से पहले प्रशासन सख्त, बरही अनुमंडल में BNSS की धारा 163 लागू

हजारीबाग : बोर्ड परीक्षा से पहले प्रशासन सख्त, बरही अनुमंडल में BNSS की धारा 163 लागू

हजारीबाग : बोर्ड परीक्षा से पहले प्रशासन सख्त, बरही अनुमंडल में BNSS की धारा 163 लागू
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jan 30, 2026, 4:56:00 PM

हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल में वर्ष 2026 की झारखंड माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। परीक्षा की शुरुआत 3 फरवरी 2026 से होनी है, जिसे ध्यान में रखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

बरही के अनुमंडल दंडाधिकारी जोहन टुडू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। यह आदेश 2 फरवरी 2026 से प्रभाव में आ जाएगा और 23 फरवरी 2026 तक या परीक्षा प्रक्रिया समाप्त होने तक लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अव्यवस्था, भीड़ और असामाजिक गतिविधियों की संभावनाओं को रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

100 मीटर के दायरे में सख्त पाबंदियां
जारी आदेश के मुताबिक, किसी भी परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के भीतर केवल परीक्षार्थियों और परीक्षा कार्य में लगे कर्मियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। इस क्षेत्र में हथियारों या आग्नेयास्त्रों के प्रदर्शन, ले जाने या उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, हालांकि यह छूट ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल पर लागू नहीं होगी।

परीक्षार्थियों को केवल प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित आवश्यक लेखन सामग्री साथ रखने की अनुमति दी गई है। मोबाइल फोन, बैग, टैबलेट, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, ई-पेन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा कक्ष में ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा।

जांच के बाद ही प्रवेश, लाउडस्पीकर पर रोक
प्रत्येक केंद्र पर केंद्राधीक्षक और वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थियों की विधिवत तलाशी के बाद ही उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई गई है।

निषेधाज्ञा के तहत परीक्षा केंद्रों के निकट पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने या अनावश्यक रूप से घूमने पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, यह आदेश विवाह समारोह, सामाजिक संस्कार, बारात या शवयात्रा जैसी पारंपरिक गतिविधियों पर लागू नहीं होगा।