हजारीबाग में ACB की बड़ी कार्रवाई, घूसखोरी के आरोप में प्रोबेशन अधिकारी और सहयोगी गिरफ्तार

हजारीबाग में ACB की बड़ी कार्रवाई, घूसखोरी के आरोप में प्रोबेशन अधिकारी और सहयोगी गिरफ्तार

हजारीबाग में ACB की बड़ी कार्रवाई, घूसखोरी के आरोप में प्रोबेशन अधिकारी और सहयोगी गिरफ्तार
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
: Jun 16, 2026, 7:15:00 PM

हजारीबाग में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए जिला प्रोबेशन कार्यालय से जुड़े दो लोगों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 7वीं जेपीएससी से नियुक्त प्रोबेशन अधिकारी सिमरन कुमारी और उनके निर्देश पर कथित रूप से रिश्वत लेने वाला एक कर्मचारी शामिल है। दोनों को एसीबी ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान पकड़ा।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के बड़की पोना गांव निवासी त्रिदेव कुमार ने हजारीबाग एसीबी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके परिवार को मिलने वाली सरकारी अनुदान राशि के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए उनसे अवैध धनराशि मांगी जा रही है।

शिकायत में कहा गया था कि अनुदान राशि में वृद्धि से संबंधित सत्यापन रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के बदले जिला प्रोबेशन कार्यालय से जुड़े व्यक्ति द्वारा 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि यह मांग प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर की जा रही थी।

शिकायत प्राप्त होने के बाद एसीबी ने मामले की प्रारंभिक जांच और गोपनीय सत्यापन कराया। तकनीकी माध्यमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किए गए सत्यापन में रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित मांग प्रोबेशन अधिकारी की जानकारी और निर्देश पर की जा रही थी।

इसके बाद एसीबी ने मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में विशेष ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में राशि संबंधित कर्मचारी को सौंपी। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, पहले से निगरानी कर रही एसीबी टीम ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया।

गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर टीम ने तत्काल प्रोबेशन अधिकारी सिमरन कुमारी को भी हिरासत में ले लिया। एसीबी का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने के बजाय कानूनी रास्ता अपनाया और सीधे एसीबी से संपर्क किया। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई, जिसके बाद ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। एसीबी का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।