हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला मामले में दो महिला आरोपियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित, 15 करोड़ की संदिग्ध निकासी की जांच जारी
हजारीबाग ट्रेजरी घोटाला मामले में दो महिला आरोपियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित, 15 करोड़ की संदिग्ध निकासी की जांच जारी
हजारीबाग ट्रेजरी से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़े मामले में गिरफ्तार दो महिला आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। मामले की सुनवाई के बाद सीआईडी की विशेष अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है और जमानत पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा।
इस प्रकरण में जेल में बंद काजल कुमारी और खुशबू सिंह ने अदालत से राहत की मांग की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, काजल कुमारी का संबंध मुख्य लेखपाल सिपाही शंभू कुमार सिंह से है, जबकि खुशबू सिंह, आरोपी सिपाही रजनीश कुमार सिंह की पत्नी हैं।
सीआईडी ने मामले की जांच के दौरान लंबी पूछताछ के बाद कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में शंभू कुमार सिंह, रजनीश कुमार सिंह, धीरेन्द्र कुमार सिंह और सौरव कुमार सिंह के साथ दोनों महिला आरोपी भी शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह मामला लगभग 15 करोड़ रुपये की संदिग्ध निकासी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि फर्जी वेतन संबंधी दस्तावेज तैयार कर सरकारी खजाने से राशि निकाली गई। फिलहाल सीआईडी यह पता लगाने में जुटी है कि निकाली गई रकम का उपयोग कहां किया गया और उसे किन-किन माध्यमों से निवेश या खर्च किया गया।
इस बीच जांच का दायरा केवल हजारीबाग तक सीमित नहीं रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बोकारो, चाईबासा, रांची और रामगढ़ की ट्रेजरी से जुड़ी समान प्रकृति की अनियमितताओं के मामले भी सामने आए हैं। इन सभी मामलों की कड़ियों को जोड़कर वित्तीय लेन-देन और संभावित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।